5.6.31 Welcome to CGNet Swara

गोडे कर पैरी झेंझरी लागे, तोला लाजो नइ लागे...सरगुजिहा डोमकच गीत

ग्राम पंचायत-चंद्रैली, विकासखंड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रामधनी सरगुजिया डोमकच गीत सुना रहे हैं:
गोडे कर पैरी झेंझरी लागे, तोला लाजो नइ लागे-
मोर मोर सूते गोंडरा बर-
तोर गोड के पैरी झेंझरी लागे, ढोढी पानी झन जाबे-
ओरे नजरी लागे, सुन सुन्दरी बर, सुन सुन्दरी ढोढी पानी झन जाबे-
गोडे कर चुरवा झेन्झरी लागे...

Posted on: Mar 26, 2018. Tags: MAHAVEER SINGH PAWLE

लाली-लाली ओढ़े माथ के बिंदिया, लाली मांग के महूर...भजन गीत

जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से महावीर सिंह पावले राम नवमी में गाया जाने वाला भजन गीत सुना रहे हैं:
लाली-लाली ओढ़े माथ में बिंदिया-
लाली माथ के महूर-
आबे-आबे हमर गांव मा-
मैया सरगुजा में जरूर-
लाली-लाली ओढ़े मैया चुनरिया-
आबे-आबे हमर गांव मा-
मैया छत्तीसगढ़ में जरूर...

Posted on: Jan 28, 2018. Tags: MAHAVEER SINGH PAWLE

निम्मा नानो निम्मा यो नानो ली वेया ली...गोंडी त्यौहार गीत -

ग्राम-नेरली (आयतुपारा), जिला-दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़) से जीलो बाई एक गोंडी गीत सुना रहें है, इस गीत को त्यौहार के समय गाया जाता है:
निम्मा नानो निम्मा यो नानो ली वेया ली-
आले काया गुजी आडा नानो ली वेया ले-
इरा मोडूम ढोलू या नानो ली वया ली-
ढोल गरजे मायो ययो यो नानो ली व्यया ली-
किन्न ढ्पो यो नानो ली वेया ली...

Posted on: Nov 02, 2017. Tags: MAHAVEER SINGH PAWLE DANTEWADA

गुरु माता पिता गुरु बंधु सखा...गुरु वंदना

ग्राम-पोंदुम, बाँडापारा, जिला-दन्तेवाड़ा (छत्तीसगढ़) से महावीर सिंह पावले के साथ में गाँव के साथी क्रांति, कविता, शर्मिला है जो एक गुरु वंदना सुना रही है:
गुरु माता पिता गुरु बंधु सखा-
तेरे चरणों स्वामी कोटि प्रणाम-
गुरु दाता है तू गुरु दर्पण तू-
गुरु ज्ञाता है तू गुरु ईश्वर तू-
कैसी अर्पण करू कैसी भक्ति नहीं...

Posted on: Nov 01, 2017. Tags: MAHAVEER SINGH PAWLE DANTEWADA

किसान स्वर : गाय के गोबर, गोमूत्र और पसिया से 15 दिन में जैविक खाद बना सकते हैं -

सीजीनेट जनपत्रकारिता यात्रा आज ग्राम-मेटापाल(पुजारीपारा) जिला-दन्तेवाड़ा (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां से महावीर सिंह पावले पुजारीपारा के निवासी जयराम पोड़ीयाम के सांथ बात कर रहे है पोड़ीयाम एक कृषक मित्र हैं और जैविक खेती पर काम करते हैं ये बता रहे हैं कि जैविक खाद बनाने के लिए गाय का गोबर, पेशाब और पसिया को एक हांड़ी में 15 दिन तक रखना होता है उसके बाद उसको फसल में छिड़काव कर सकते हैं एक हांड़ी खाद एक एकड़ भूमि के लिए उपर्युक्त होता है इसका छिडकाव उस वक्त करना चाहिए जब फसल छोटे होते हैं इससे फसल अच्छी होती है और वे सुझाव दे रहे हैं कि रासायनिक खाद की जगह किसानों को इस प्राकृतिक खाद का उपयोग करना चाहिए इससे फसल अच्छी होती है.

Posted on: Oct 31, 2017. Tags: MAHAVEER SINGH PAWLE DANTEWADA

View Older Reports »

Recording a report on CGNet Swara

Search Reports »


Supported By »


Environics Trust
Gates Foundation
Hivos
International Center for Journalists
IPS Media Foundation
MacArthur Foundation
Sitara
UN Democracy Fund


Android App »


Click to Download


From our supporters »