इस समाज इस देश इस दुनिया के लिए...शिक्षा पर कविता

जिला-गिरडीह (झारखंड) से वी.के.वर्मा शिक्षा पर आधारित एक कविता सुना रहे हैं :
इस समाज इस देश इस दुनिया के लिए-
बोझ नही खुद रोज बनो तुम-
आपको चाहे पर कोई ऐसा एक रोज़ बनो तुम-
लोग सोच नही सकते आपकी क्षमता को-
लोग समझ नही सकते आपकी शक्ति को-
एक एसा अफ्सोज बनो तुम-
लोगो को अन्धकार से प्रकाश की...

Posted on: Dec 01, 2016. Tags: VK VERMA

अब तक 364 चिट फंड घोटाले हो चुके हैं फिर भी नई चिट फंड कंपनियां खुल और चल क्यों रही हैं?

जिला-गिरिडीह (झारखण्ड) से वी.के.वर्मा चिट फंड कंपनियों के घोटाले के बारे में बता रहे हैं । वे बता रहे हैं कि प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक देश में कुल 364 चिट फंड घोटाले हो चुके हैं पर चिट फंड कंपनियां फिर भी चल रही हैं । वे कहते हैं हर कुछ समय बाद यहां से या वहां से चिट फंड कंपनी के घोटाले की खबर आती है और उसके बाद हज़ारों गरीब परिवार बर्बाद हो जाते हैं पर मालिकों पर कम ही कार्यवाही होती है । वे कहते हैं कि चिट फंड कंपनियां अक्सर गरीब और निचले वर्ग के लोगों को ही निशाना बनाती है उनको लुभावने ऑफर से फंसाती है और कुछ दिन बाद गायब हो जाती है पर चूंकि यह मामला गरीब से जुड़ा है इसलिए लगभग कोई कार्यवाही नहीं होती और हम अगले चिट फंड और अगले घोटाले की तैयारी करने लगते हैं और सरकार की मदद से अगले कंपनी को बैठाया जाता है । वे पूछ रहे हैं कि ऐसा बार-बार और साल दर साल क्यों होता आ रहा है? इस पर रोक क्यों नहीं लगाई जा रहीजिससे कि भविष्य में और गरीब बर्बाद न हो और उनके जीवन भर की गाढी कमाई फिर कोई और लूट न ले । वीके वर्मा@8878959049

Posted on: Nov 07, 2016. Tags: VK VERMA

Govt must help small investors who invested in fraud company and feeling cheated...

VK Verma is calling from Giridih Jharkhand to talk about PACL (Pearls Agrotech Corporation Ltd) controversy. More than 6 crore people had invested in the company from 1983 from all over the country and are waiting for their investment to be returned. Govt did not take any action on the company beforehand and now not helping small investors who are in bad shape. He is requesting all officers and anyone who can help to think of small investors who had put their hard earned income and are feeling desperate. VK@9006982121

Posted on: Oct 10, 2016. Tags: VK VERMA

मैं बेरोजगार हूँ रोजगार चाहता हूँ...पलायन कविता

वी.के.वर्मा जिला-गिरिडीह (झारखण्ड) से पलायन पर एक कविता सुना रहें हैं:
मैं बेरोजगार हूँ रोजगार चाहता हूँ-
पर झारखण्ड में संभव नहीं है-
मैं भूखा खाने को दो-चार निवाला चाहता हूँ-
पर झारखण्ड में ये संभव नहीं है-
मेरा परिवार भी सोता हैं भूखा-
नसीब नहीं होता भोजन रुखा-सूखा-
इसीलिए मैं अपने झारखंडी होने का अधिकार चाहता हूँ-
पर झारखण्ड में ये संभव नहीं है-
ओरों की तरह मैं अपने परिवार के-साथ रहकर
अपने बच्चों का प्यार चाहता हूँ-
पर झारखण्ड में संभव नहीं है-
बस यहाँ हमारे जैसे लोगो के लिए-
एक ही विकल्प हैं पलायन-पलायन-पलायन-
इसलिए मैं इसका कुछ उपचार चाहता हूँ...

Posted on: Sep 23, 2016. Tags: VK VERMA

मै बेरोजगार हूँ, रोजगार चाहता हूँ, पर झारखण्ड में ये संभव नहीं है...पलायन पर कविता

गिरिडीह, झारखण्ड से वी के वर्मा झारखण्ड से पलायन क्रर रहे मजदूरों पर एक कविता प्रस्तुत कर रहे हैं:
मै बेरोजगार हूँ, रोजगार चाहता हूँ – पर झारखण्ड में, ये संभव नहीं है –
पर झारखण्ड में...
मै भूखा हूँ, खाने का निवाला दो-चार चाहता हूँ – पर झारखण्ड में ये संभव नहीं है – पर झारखण्ड में...
मेरा परिवार भी सोता है भूखा – नसीब नहीं होता है इनको भोजन रुखा-सूखा – इसलिए मैं अपने झारखंडी होने का अधिकार चाहता हूँ – पर झारखण्ड में ये संभव नहीं है – पर झारखण्ड में...
औरों की तरह मै भी अपने परिवार के संग रहकर – बच्चों का प्यार चाहता हूँ – पर झारखण्ड में ये संभव नहीं है – पर झारखण्ड में.........
बस यहाँ हमारे जैसे लोगों के लिए एक ही विकल्प है – पलायन...पलायन...पलायन-
सिर्फ और सिर्फ पलायन – इसलिए इसका मैं कोई उपचार चाहता हूँ – पर झारखण्ड में ये संभव नहीं है – पर झारखण्ड में...
कब आएगा ऐसा एक नया सवेरा – जो गम बांट लेगा मेरा – कब आएगा ऐसा एक नया सवेरा – जो दुःख बांट लेगा मेरा – इसका मै इंतजार करता हूँ – पर झारखण्ड में ये संभव नहीं है –
पर झारखण्ड में...
इसलिए ये झारखण्ड है क्योंकि – यहाँ हमारे स्तर के गरीब लोगों के लिए – कुछ भी सम्भव नहीं है – कुछ भी सम्भव नहीं है...

Posted on: Jan 21, 2015. Tags: VK Verma

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