कब तक बोझ यूं ढोना है, कोरोना को रोना है...कोरोना पर कविता-

छत्तीसगढ़ राजनांदगांव से वीरेंद्र गन्धर्व कोरोना समस्या पर एक कविता सुना रहे हैं:
गाँव गली और शहर में शक-
पुरुषों के बीच शक-
महिलाओं के बीच शक-
ऐसा चलेगा कब तलक-
कब तक बोझ यूं ढोना है-
कोरोना को रोना है-
सर्दी खांसी ज्वर नहीं है-
सांस लेना दूभर नहीं है-
फिर भी दूरी निहित है-
हाथ मिलाकर गले लगाकर-
नहीं दिखाना प्रीत है...

Posted on: Jun 08, 2020. Tags: CORONA SONG RAJNANDGAON CG VIRENDRA GANDHRAV

डाक्टर नर्सो की महिमा बड़ी...कोरोना गीत-

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गंधर्व आज के समय पर एक गीत सुना रहे हैं :
डाक्टर नर्सो की महिमा बड़ी-
चेक करलो घड़ी दो घड़ी-
ये तो सदियों से है एक माला-
सेवाओं की झोंके लड़ी-
चेक करलो घड़ी दो घड़ी-
मुक्ति रोगों से देने को ये-
योद्धा की भाति खड़े...

Posted on: May 27, 2020. Tags: CG CORONA SONG VIRENDRA GANDHRAV

दुल्हिन बर पतरी नहीं बजनिया बर थाली...कहावत-

जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व कहावत के माध्यम से संदेस दे रहे हैं जैसे
दुल्हिन बर पतरी नहीं बजनिया बर थाली अर्थात योग्य व्यक्ति को अधिकारों से वंचित कर देना और अयोग्य को अधिकार प्राप्त हो जाना, आज के समय में कुछ ऐसा ही हो रहा है, योग्य व्यक्ति मारे मारे फिर रहे हैं और अयोग्य व्यक्ति चापलूसी करके अच्छे पद पर जा रहे है और योग्यता नहीं होने के कारण कुछ कर नहीं पा रहे हैं|

Posted on: Mar 18, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON VIRENDRA GANDHRAV

मदद करने से आशीर्वाद मिलता है और परिश्रम से सफलता...

एक समय की बात है एक बुजुर्ग शक्कर लेकर अपने घर जा रहे थे, तभी पन्नी फट गई और शक्कर गिर गया, सौभाग्य से शक्कर साफ जगह पर गिरी तो वे उसे इक्कट्ठा करने लगे, उसी समय दो लड़की आई उसमे से एक ने उनकी मदद की और दूसरी खड़ी रही, जिससे बुजुर्ग खुश हो गये और उन्होंने लड़की को वर दिया कि तुम्हे अच्छा वर मिले कुछ साल बाद उसकी अच्छी जगह शादी हो गयी, फिर दोबारा लड़की उन बुजुर्ग से मिली और उन्हें बताया आपके कहे अनुसार मुझे अच्छा वर मिल गया है और मै अच्छे रह रही हूँ, इस तरह वर उसे ही मिलता है जो मदद करता है और सफलता उसे मिलती है जो लगन से परिश्रम करता है|

Posted on: Feb 27, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON STORY VIRENDRA GANDHRAV

जो काम निकालने के लिये झूठी प्रसंसा करते हैं ऐसे लोगो से बचना चाहिये...कहानी-

एक मुर्गा था वह कूड़े दान में बैठा खाने के लिये कीड़े की तलास कर रहा था, एक शियर आया जंगल से जो मुर्गा को खाना चाहता था, उसने सोचा मै मुर्गा को पकडूँगा तो वह भाग जायेगा तो उसने चतुराई से काम करने की सोची और उसके पास जाकर उसकी तारीफ करने लगा, वह बोला तुम्हारे पिता तो बहुत बड़े गायक थे, उनके गीत बड़े बड़े राजा महाराजा और देवता सुनते थे, तुम ये क्या खा रहे हो, एसा सुनकर मुर्गा खुश हो गया, तब शियर ने कहा तुम गायक के बेटे हो तो तुम्हे भी गाना आता होगा| एसा सुनकर मुर्गा खुश होकर अपनी बेसुरी आवाज में चिल्लाने लगा तब उसे शियर ने पकड़ लिया और ले जाने लगा तब मुर्गा वाली को पता चला तो वह आई और मुर्गा शियर से छूट गया जिससे मुर्गा हँसने लगा और लड़की मुर्गा को लेकर चली गयी|

Posted on: Feb 01, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON STORY VIRENDRA GANDHRAV

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