5.6.31 Welcome to CGNet Swara

शांति पदयात्रा में शामिल होने के लिए अलग-अलग राज्य से 85 से अधिक लोग उपस्थित हैं-

शबरी गांधी आश्रम, ग्राम-चट्टी, जिला-पूर्व गोदावरी (आंध्रप्रदेश) से उत्तम आतला शांति पद यात्रा में शामिल हुवे साथी विनायक राव से चर्चा कर रहे हैं, विनायक राव आदिलाबाद जिले से हैं और अपने साथियों के साथ गांधी आश्रम चट्टी में गांधी जयंती के अवसर पर शुरू होने वाली 10 दिन की शांति पदयात्रा में शामिल हुए है, उनके साथ अलग जनजाति के लोग यात्रा में शामिल होने के लिए उपस्थित है, शांति पद यात्रा के लिए आश्रम में अगल-अलग राज्य के 85 से अधिक लोग उपस्थित है |

Posted on: Oct 01, 2018. Tags: ANDHRA CHATTI MARCH PEACE PRADESH UTTAM ATALA

शांति पदयात्रा बस्तर और यहां के आदिवासियों के लिए बहुत ज़रूरी है, इसमें सभी को जुड़ना चाहिए...

नया रायपुर (छत्तीसगढ़) से उत्तम आतला परलकोट, बस्तर संभाग, जिला-कांकेर के सांथी सुरेश कुमार कतलामी से 2 अक्टूबर 2018 को होने वाली शांति पदयात्रा पर चर्चा कर रहे हैं, वे अपनी गोंडी भाषा में बता रहे हैं कि महात्मा गाँधी के जन्म दिन पर शुरू होने वाली शांति पदयात्रा जो आंध्र के चट्टी गाँव से शुरू होगी और 12 अक्टूबर को बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर तक आएगी वह पूरे बस्तर क्षेत्र और आदिवासी समाज के लिए बहुत अच्छा और बहुत जरुरी है, ये बस्तर के आदिवासियों और बस्तर क्षेत्र में शांति की पहली पहल है, इससे क्षेत्र की समस्याएं हल हो सकती है, बस्तर में आज जो अशांति है लोग उसे तोड़कर बाहर आना चाहते हैं, इसमें ज़्यादा से ज्यादा लोगो को जुड़ना चाहिए |

Posted on: Sep 25, 2018. Tags: CG PADYATRA PEACE RAIPUR SHANTI UTTAM ATALA WALK

आजकल जल, जंगल, ज़मीन सबको बर्बाद किया जा रहा है : 105 वर्ष के बुजुर्ग (गोंडी भाषा में)...

ग्राम-सोडे, तहसील एवं ब्लॉक-अंतागढ, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से उत्तम आतला के साथ एक दादा जुड़े है उनका उम्र 105 वर्ष है और स्वस्थ हैं चल फिर सकते हैं. वे पहले के समय और उस समय की संस्कृति के बारे में गोंडी भाषा में बता रहे है, वे कह रहे हैं कि पहले का जो जमाना था वो बहुत अच्छा जमाना था | लेकिन आज की दुनिया दिनों दिन खराब की ओर बदलती जा रही है. जल, जंगल, जमीन को काटा जा रहा है और बेच दिया जा रहा है और बड़े-बड़े नदियों के ऊपर डेम बनाकर पानी को रोका जा रहा है और बोल रहे है कि पहले के ज़माने में तीन मुट्टी चावल 10 लोगो को हो जाता था लेकिन आज का ज़माना पूरा बदल रहा है| उत्तम आतला@9404984750.

Posted on: Aug 20, 2018. Tags: CHHATTISGARH CULTURE GONDI KANKER UTTAM ATALA

हम आदिवासियों का जीवन पिछले 100 साल में बहुत कुछ बदल चुका है: 105 वर्ष उम्र के वृद्ध...

ग्राम-सोडेग्राम, तहसील-आमाबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से उत्तम आतला गांव के एक वृद्ध से चर्चा कर रहे हैं, वे 105 साल के हैं, और आज भी चल-फिर लेते हैं, दादा बता रहे हैं आज 100 साल बाद बहोत कुछ बदल चुका है, हम गोंड आदिवासी पहले हंसिया पकड़ कर नदी किनारे बांस का बस्ता निकाल कर लाते थे, और वन में भोजन तलाशने के लिए तीर, धनुष, टंगिया जैसे औजार लेकर जाते थे, जो जंगली जीव मिलता जैसे खरगोश, हिरन, चिड़िया मारकर लाते थे, उसके बाद गाँव में एक जगह होता था, जहां पर सारे शिकार किये जीवो को लाते और पका कर खाते थे, ख़ुशी मनाते थे, अपने परिवार के लिए हिस्सा लेकर जाते थे, नाच-गाना करते थे, आज वो नही है, सब कुछ बदल चुका है|

Posted on: Aug 04, 2018. Tags: STORY UTTAM ATALA

माठ आन्दोम आदिवासी माठ आन्दोम कोयावासी...गोंडी गीत

जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से उत्तम आतला एक गोंडी गीत सुना रहे है:
माठ आन्दोम आदिवासी माठ आन्दोम कोयावासी-
घोटुल ता अगा उदवालो, न्याय निवा केवालोर-
माठ आन्दोम आदिवासी माठ आन्दोम मूलवासी-
दिवाडी महिना तोचोड़े कोंदान पूजा केवालोर-
माठ आन्दोम आदिवासी माठ आन्दोम कोयावासी...
उत्तम आतला@9404984750.

Posted on: Jul 30, 2018. Tags: GADCHIROLI MH GONDI SONG UTTAM ATALA

View Older Reports »

Recording a report on CGNet Swara

Search Reports »


Supported By »


Environics Trust
Gates Foundation
Hivos
International Center for Journalists
IPS Media Foundation
MacArthur Foundation
Sitara
UN Democracy Fund


Android App »


Click to Download


From our supporters »