मैं बंदत हौं दिन रात वो मोर धरती मईया जय होए तोर...छत्तीसगढ़ी देशभक्ति गीत

ग्राम पंचायत-मेड़ो, तहसील-दुर्गुकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर, छत्तीसगढ़ से एक छत्तीसगढ़ी देशभक्ति गीत सुना रहे हैं :
मैं बंदत हौं दिन रात वो मोर धरती मईया जय होए तोर-
मोर छइयां भुइयां जय तोर-
मैं बंदत हौं दिन रात वो मोर धरती मईया जय होए तोर-
मोर छइयां भुइयां जय तोर-
सूत उठ के बड़े बिहिनिया तोरे पाईया ला लागों-
सूरज जोत माँ करों आरती गंगा पावं पखारों-
सीर काया फुल चढाओं गा मोर तोर धरती मईया जय होए तोर-
हाय रे मोर छइयां भुइयां जय तोर...

Posted on: Jan 04, 2017. Tags: Shivlal Usendi

साए रे ला रे रे ले ला ...गोंडी गीत

शिवलाल उसेंडी ग्राम-मेड़ो, जिला-उत्तर बस्तर(कांकेर), छत्तीसगढ़, से एक गोंडी में गीत सुना रहे हैं:
गोंड मोरिया मारिया हलभा-
रंग-रंग न जाति-
खूब सुन्दर उजर ते मोटो आदिवासी-
साए रे ला रे रे ले ला...

Posted on: Jul 10, 2016. Tags: SHIVLAL USENDI

माटी होही तोरे चोला रे संगी...छत्तीसगढ़ी गीत

शिवलाल उसेंडी ग्राम-मेड़ो, तहसील-दुर्गकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर, छत्तीसगढ़ से एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं-
माटी होही तोरे चोला रे संगी – माटी में उपजे माटी में बाढ़े-
माटी में ही तोरी काया-
चार इक दिन का सुघर मेला-
आखिर में सब माटी के डेला-
मत बन काकरो दुश्मन बैरी-
जाना है एक दिन टोला रे संगी-
माटी हो ही तोरे चोला रे संगी-
माटी हो ही तोरि काया रे संगी...

Posted on: Jun 28, 2016. Tags: Shivlal Usendi

हमर छत्तीसगढ़िया भईया सबले बढ़िया रे...छतीसगढ़ी गीत

शिवलाल उसेंडी ग्राम-मेंडू, तहसील-दुर्गकोंदल, जिला- कांकेर, छत्तीसगढ़ से एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
हमर छत्तीसगढ़िया भईया सबले बढ़िया रे-
मेहनत करईया हमन ईकर लरका रे हो-
सरज बराबर भईया इहाँ के माटी रे-
ये माटी मा हवे भईया डिगा सोना-चांदी रे-
महानदी अरपा पैरी शिवनाथ नदिया रे-
इद्रावती छत्तीसगढ़ दाई के धोथे पैयाँ रे-
इहाँ नाचो संगी कर्मा,रेला सुआ रे-
बस्तर गुइंया छत्तीसगढ़ के लागों पइयां रे-
हमर कुअंर उचुआ के कूबर उचर बोली-
सुआ बोले चुटुर-चुटुर मिट्ठू के बोली रे-
हाते के बारी-बकरी लागे फुलवारी रे-
हमर पाले में पागे रे भईया चिन्हारी रे-
जंगल-जड़ी छत्तीसगढ़ के हवे गहना रे – धान का कटोरा मोरे सोनो बैया रे-
ई धरती हवे भईया वीर बलिदान के-
वीर नारायण गुंडाधुर गेंद सिंह यार के-
हमर छत्तीसगढ़िया भईया...

Posted on: Jun 23, 2016. Tags: SHIVLAL USENDI

आदेश माझा याचे भान, जरा से राहु डारे...देशभक्ति गीत

एटापल्ली, जिला-गढ़चिरौली, महाराष्ट्र से वंदना एक देशभक्ति गीत रिकॉर्ड करा रहे हैं:
आदेश माझा याचे भान, जरा से राहु डारे-
हा उन्स हिमालय माझा हा विशाल सागर माझा-
या गंगा-यमुना-सेती धरती बाग़-बगीचा माझा-
अभिलाषा यांची धरिता कोणी नजर वाकड़ी करिता-
या मरण दाव या कुरण आपला बाहू पाऊ डारे-
जे हाथ उठक ले ले दगडांचा वर्षा वाला-
रोखा तेला वा कार्यलाया देशाचा प्रगति ला-
ते बंद करा उत्पात थांबवा आपला घात-
सामर्थ्य न जा वो व्यर्थ काहिसा अर्थ इ ये उजा रे-
आदेश माझा याचे भान, जरा से राहु डा रे...

Posted on: Apr 13, 2016. Tags: Sukharanjan Usendi

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