गूचा-गूचा जकुर गूचा, सुसगू सान जकुर गुचा...कुरुक गीत-

पारा-दुबियाडीह, ग्राम पंचायत-इंजामी, विकासखण्ड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सुनीता तिर्की कुरुक भाषा में एक प्रार्थना गीत सुना रही हैं जिसमे सभी को प्रार्थना गाने के लिये बुलाया जा रहा है :
गूचा-गूचा जकुर गूचा, सुसगू सान जकुर गुचा-
दियाही भरोषा मन ला, इना हिनेला मन ला-
इसुत गुसान रई दया-
इसुत गुसान रई छामा-
गूचा-गूचा जकुर गूचा, सुसगू सान जकुर गुचा...

Posted on: Feb 21, 2019. Tags: CG ODGI SONG SUNITA TIRKI SURAJPUR

चला टूमका बार दामनी यो बेदा बंगायो...कुडुक भाषा में पूजा गीत

ग्राम-मनातू, पोस्ट-कुरमगढ़, तहसील-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखण्ड) से राजमणि तिर्की और शौतेन देवी उरांव आदिवासियों की कुडुक भाषा में एक गीत सुना रहे है | यह गीत पूजा करते समय गाया जाता है:
चला टूमका बार दामनी यो बेदा बंगायो-
शान रादी चला यो हे शान रादी बेदा बंगायो-
बरम कुडिया बार दामनी इंगा चला यो-
शान रादी साला यो हे शान रादी बेदा बंगायो...

Posted on: Aug 14, 2018. Tags: GONDI SONG GUMLA JHARKHAND RAJMANI TIRKI SHUTEN DEVI

जागो रे जाग उठो मेरे महिला जागो रे महिला हो...महिला जागरूकता गीत

ग्राम-तिगावल, पोस्ट-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखण्ड) से हेलेंना तिर्की, तागरेन कुजूर, प्रभा तिर्की और सुखमा देवी एक समूह गीत सुना रहे हैं:
जागो रे जाग उठो मेरे महिला जागो रे महिला हो-
गांव की सेवा में जागो मेरे महिला हो-
जागो रे जाग उठो मेरे महिला जागो रे महिला हो-
समाज के में जागो मेरे महिला हो-
जागो रे जाग उठो मेरे महिला जागो रे महिला हो-
गांव की सेवा में जागो मेरे महिला हो...

Posted on: Aug 09, 2018. Tags: GUMLA HELENA TIRKI JHARKHAND PRABHA TIRKI SONG TAAGREN KUJUR

रोपे के तो रोपा लो सीके सारे धना...किसानी रोपा गीत

ग्राम-फुलवारटोली, प्रखंड-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखण्ड) से लोरेस तिर्की, इसाक खलखो और अनतोनी लकड़ा एक रोपा गीत सुना रहे है:
रोपे के तो रोपा लो सीके सारे धना-
असो कर बरखा बड़ा दगा दिए-
सावन भादो दोरी नोडी जेला-
असो कर बरखा बड़ा दगा दिए-
सावन भादो दोरी नोडी जेला-
रोपे के तो रोपा लो सीके सारे धना...

Posted on: Aug 02, 2018. Tags: ISAK KHALKO LAROJ TIRKI SONG

कर्तिक बाबा मर गयेला रे आदिवासी टुवर भेला...आदिवासी गीत

ग्राम-किर्तोटोला, ग्राम पंचायत-बेंदोरा, प्रखंड-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखंड) से मीना तिर्की एक लोकगीत सुना रही है जिसमे “कार्तिक बाबा” जो एक आदिवासी थे उनके बारे में है जिनके मरने से आदिवासी अनाथ हो गये, अगर वो होते तो उनका प्रदेश झारखण्ड आजाद हो जाता:
कर्तिक बाबा मर गयेला रे-
आदिवासी टुवर भेला-
चला सेवा नान तोरा-
जीनुमी बीरो नम्यरा जी सुंदर माँ-
नोका नामे देश सुन्दर मानो-
कर्तिक बाबा मर गयल रे...

Posted on: Jul 22, 2018. Tags: GUMLA JHARKHAND MEENA TIRKI SONG

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