आदमी हो आदमी के वास्ते चलो,तुम नवीन जिंदगी के वास्ते बढो...

आदमी हो आदमी के वास्ते चलो ,
तुम नवीन जिंदगी के वास्ते बढो… २
गाँव गाँव हर गली गली लहर उठे,
ज्ञान की लहर उगाये हर शहर उठे !!!
हर तरह पढ़ाये आज ठान कर उठें ,... २
ज्ञान दान है महान मानकर उठे !
समुद्र हो तुम नदी के वास्ते पढ़ो
ज्ञान से भरे सभी के वास्ते पढ़ो !
आदमी हो आदमी के वास्ते चलो,
तुम नवीन जिंदगी के वास्ते बढो …
ज्ञान के लिए पढ़ो विज्ञानं के लिए ,
आदमी के खास पहचान के लिए... २
नोन तेल लकड़ी और मकान के लिए… २
हर नए सवाल के निदान के लिए… २
तुम तो दिन की दुश्मनी के वास्ते पढो ,
तुम तो दिन की दोस्ती के वास्ते पढो !
आदमी हो आदमी के वास्ते चलो,
तुम नवीन जिंदगी के वास्ते बढो
जो मजदूर हैं पड़े अधिकार के लिए ,
ज्ञान है जरुरी काम काज के लिए… २
नारियां पड़ेगी सुखी परिवार के लिए… २
और पड़े किसान खेत खार के लिए… २
आदमी हो आदमी के वास्ते चलो
तुम नवीन जिंदगी के वास्ते बढो…

Posted on: Oct 09, 2013. Tags: Surekha Kanker

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