बस्तर के भाग जागे रे हिल मिल के आगो आओ रे...

लालललाल लाल लाल ला ला ला ला लाला रे
बस्तर के भाग जागे रे हिल मिल के आगो आओ रे
अंधियारी रात पहाए रे बस्तर बिहान होवे रे
माटी तोरे चन्दन लागि अमृत जैसे पानी
अमृत जैसे पानी रे साथी अमृत जैसे पानी
केसे गाई धरती दाई तोर हम कहानी तोरे हम कहानी
बस्तर के भाग जागे रे मिल जुल के आगो आबो रे
यहाँ के लकड़ी हीरा मोती, पथरा भई गे सोना
जन्मभूमि के नाम जगाबे मिल के हम ला रहना
माटी के हम ला पुतला रे संगी माटी के गुण गाबो
हमर ऊपर दया करसे तोर नाम जगाबो

Posted on: Dec 29, 2013. Tags: Suraj Sukma