छत्तीसगढ़ी भाषा में उच्च शिक्षा की मांग...

ग्राम-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से सूरज देवांगन कह रहे हैं कि छत्तीसगढ़ के अलावा कही भी छत्तीसगढ़ी भाषा को नहीं बोला जाता है, प्रारंभिक शिक्षा में छत्तीसगढ़ प्रदेश में हम गीत, कहानी, कविता, छत्तीसगढ़ी भाषा में पढ़ते आ रहे हैं, ये भाषा संस्कृत भाषा की तरह एक प्राचीन भाषा है, इस भाषा को प्रारंभिक शिक्षा से आगे महाविद्यालयों में भी लाना चाहिए जिससे इसका प्रयोग होता रहे, छत्तीसगढ़ में रहकर भी लोगो में इस भाषा के ज्ञान का अभाव होता है ये छत्तीसगढ़ी भाषा को सभी तक पहुंचाने और बचाए रखने की मांग कर रहे हैं जिससे इस भाषा का भी विकास हो और उच्च शिक्षण में भी छत्तीसगढ़ी का प्रयोग हो... सूरज देवांगन@9617970625.

Posted on: Aug 26, 2017. Tags: SURAJ DEWANGAN

दुनिया गोल है : एक कविता

लोग कहते हैं कि दुनिया गोल है
लेकिन मैं कहता हूं कि दुनिया नहीं दुनिया के लोग गोल हैं

कोई किसी का शांति अमन को लेकर गोल है
कोई किसी का मनी रकम को लेकर गोल है

कहीं लडका लडकी को लेकर गोल है
कभी कभी तो अपने मोहल्ले की लाइन भी गोल है

तो मेरे भले साथी, अब भी दिन है सुधर जाओ
इस गोल होने से बाज आओ
क्योंकि हर एक की ज़ुबां पर इस बात की तौल है
कि एक न एक दिन इस दुनिया से हम सब की लाइन गोल है

Posted on: Oct 15, 2010. Tags: Suraj Dewangan