मोरे भारत माँ के माट्टी, जेकर हवे जबर छाती...छत्तीसगढ़ी गीत

ग्राम-दमकसा, तहसील-दुर्गुकोंडल, जिला-कांकेर (उत्तर बस्तर ), छत्तीसगढ़ से शिवलाल उसेंडी छत्तीसगढ़ी भाषा में एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
मोरे भारत माँ के माट्टी, जेकर हवे जबर छाती-
जे ला काथेगा भइया, छत्तीसगढ़ महतारी ना-
इहां देवधामी के डेरा, मनावें गौरी-गौरा-
ठाकुर देव के बसेरा, सबो घर तुलसी चौरा-
इहां तैंतीस कोटि के देवता हैं बड़ भाई-
जे ला कथेगा भइया, छत्तीसगढ़ महतारी ना-
बोवें कोदो-कुटकी, खावें महुआ घुघुरी-
खेलेबर लइका फुगरी, इहाँ खेलत हौवें लइका-दुदवा माटी-
जे ला कथेगा भइया, छत्तीसगढ़ महतारी ना...

Posted on: Jul 14, 2018. Tags: SHIVLAL USENDI

हमर छत्तीसगढ़िया भईया सबले बढ़िया रे...छतीसगढ़ी गीत

शिवलाल उसेंडी ग्राम-मेंडू, तहसील-दुर्गकोंदल, जिला- कांकेर, छत्तीसगढ़ से एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
हमर छत्तीसगढ़िया भईया सबले बढ़िया रे-
मेहनत करईया हमन ईकर लरका रे हो-
सरज बराबर भईया इहाँ के माटी रे-
ये माटी मा हवे भईया डिगा सोना-चांदी रे-
महानदी अरपा पैरी शिवनाथ नदिया रे-
इद्रावती छत्तीसगढ़ दाई के धोथे पैयाँ रे-
इहाँ नाचो संगी कर्मा,रेला सुआ रे-
बस्तर गुइंया छत्तीसगढ़ के लागों पइयां रे-
हमर कुअंर उचुआ के कूबर उचर बोली-
सुआ बोले चुटुर-चुटुर मिट्ठू के बोली रे-
हाते के बारी-बकरी लागे फुलवारी रे-
हमर पाले में पागे रे भईया चिन्हारी रे-
जंगल-जड़ी छत्तीसगढ़ के हवे गहना रे – धान का कटोरा मोरे सोनो बैया रे-
ई धरती हवे भईया वीर बलिदान के-
वीर नारायण गुंडाधुर गेंद सिंह यार के-
हमर छत्तीसगढ़िया भईया...

Posted on: Dec 28, 2017. Tags: SHIVLAL USENDI

राष्ट्र की जय चेतना का गान वन्दे मातरम...प्रेरणा गीत -

ग्राम-मेडू, तहसील-दुर्गुकोंदल, जिला-कांकेर, उत्तरबस्तर (छत्तीसगढ़) से राजेश्वरी टांडिया एक प्रेरणा गीत सुना रही हैं :
राष्ट्र की जय चेतना का गान वन्दे मातरम – राष्ट्र भक्ति प्रेरना का गान वन्दे मातरम – बंसी के बहते स्वरो का गान वन्दे मातरम – झल हरी झलकारना का गान वन्दे मातरम – संघ के संघोष का है गान वन्दे मातरम – राष्ट्र भक्ति प्रेरना का गान वन्दे मातरम वन्देमातरम वन्देमातरम...

Posted on: Dec 08, 2017. Tags: SHIVLAL USENDI

साए रे ला रे रे ले ला ...गोंडी गीत

शिवलाल उसेंडी ग्राम-मेड़ो, जिला-उत्तर बस्तर(कांकेर), छत्तीसगढ़, से एक गोंडी में गीत सुना रहे हैं:
गोंड मोरिया मारिया हलभा-
रंग-रंग न जाति-
खूब सुन्दर उजर ते मोटो आदिवासी-
साए रे ला रे रे ले ला...

Posted on: Dec 01, 2017. Tags: SHIVLAL USENDI

मैं बंदत हौं दिन रात वो मोर धरती मईया जय होए तोर...छत्तीसगढ़ी देशभक्ति गीत

ग्राम पंचायत-मेड़ो, तहसील-दुर्गुकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर, छत्तीसगढ़ से एक छत्तीसगढ़ी देशभक्ति गीत सुना रहे हैं :
मैं बंदत हौं दिन रात वो मोर धरती मईया जय होए तोर-
मोर छइयां भुइयां जय तोर-
मैं बंदत हौं दिन रात वो मोर धरती मईया जय होए तोर-
मोर छइयां भुइयां जय तोर-
सूत उठ के बड़े बिहिनिया तोरे पाईया ला लागों-
सूरज जोत माँ करों आरती गंगा पावं पखारों-
सीर काया फुल चढाओं गा मोर तोर धरती मईया जय होए तोर-
हाय रे मोर छइयां भुइयां जय तोर...

Posted on: Jan 04, 2017. Tags: Shivlal Usendi

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