हमारे पारा में एक को छोड़ सभी हैण्डपम्प ख़राब,आधा किलोमीटर दूर से पानी लाकर पीते है...

स्कूलपारा, ग्राम-बुढाडांड, ब्लाक-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से संगीता बता रही है उनके पारा में 4 हैण्डपम्प है लेकिन उसमे से एक ही हैण्डपम्प चालू है बाकी ख़राब है एक ही हैण्डपम्प होने के कारण बहुत भीड़ होती है इसलिए वे लोग आधा किलोमीटर दूर से पानी लाकर पीते है| हैण्डपम्प सुधरवाने के लिए उन्होंने कई बार सरपंच सचिव को बोले है लेकिन कोई ध्यान नहीं देते है| इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि इन नम्बरों में बात कर हैण्डपम्प सुधरवाने मदद करें:सरपंच@9009846436,सचिव@9977889473, PHE.विभाग@9826603461.संपर्क@8462904068.

Posted on: Jun 20, 2018. Tags: SANGEETA

Dantewada Bultoo (Bluetooth) Radio in Hindi and Gondi : 19th Oct 2017...

Today Shyamlal and Sangeeta Tekam are presenting Bultoo Radio Program in Hindi and Gondi languages in this latest edition of Bultoo radio discussing issues from Dantewada Chhattisgarh. Villagers use their mobile phones to record these songs and reports. They call 08050068000 to record. Now this program can be downloaded by people from their Gram Panchayat office if it has Broadband or from a download center nearby. They can also get it from someone nearby with smartphone and internet and then via Bluetooth.

Posted on: Oct 18, 2017. Tags: DANTEWADA GONDI GONDI SHYAMLAL SANGEETA DANTEWADA CHHATTISGARH

आमा जामुन की दो डाल बन्नी झूलते चली...शादी गीत

ग्राम-सल्य्याकला, पोस्ट-सावरी बाजार, तहसील-मोहखेड़, जिला-छिन्दवाडा (मध्यप्रदेश) से संगीता धुर्वे एक बन्ना गीत सुना रहे हैं:
आमा जामुन की दो डाल बन्नी झूलते चली-
पायल लाया रे सुनार कड़ी टूटते चली –
कगना लाया रे सुनार कड़ी टूटते चली-
हरवा लाया रे सुनार कड़ी टूटते चली...

Posted on: Apr 30, 2017. Tags: SANGEETA DHURWE

जब तक रोटी के प्रश्नों पर पड़ा रहेगा भारी पत्थर...हिन्दी गीत

कुटरू, जिला-बीजापुर,(छत्तीसगढ़) से संगीता मिचा एक गीत सुना रही हैं:
जब तक रोटी के प्रश्नों पर पड़ा रहेगा भारी पत्थर-
कोई मत ख़्वाब सजाना तुम-
मेरी गली में ख़ुशी खोजते-
अगर कभी जो आना तुम-
कानो की बालियों में टपका हुआ पसीना-
सोचो की इनकी बूंदे मोती हैं या नगीना-
जब तक सूरज नहीं उगाले चंदा को न वापस पाले-
टिकली में लगाना तुम मेरी गली में ख़ुशी खोजते आना तुम...

Posted on: May 14, 2016. Tags: Sangeeta Micha

मन ह गदगद हो जाथे, जब जुन्ना संगी के सुरता आथे...छत्तीसगढ़ी कविता

बिलासपुर, छत्तीसगढ़ से संगीता तिवारी छत्तीसगढ़ी भाषा में एक कविता प्रस्तुत कर रही हैं. कविता बचपन-मित्रता और जिन्दगी-बदलाव व जिम्मेदारियों के संदर्भ में है:
मन ह गदगद हो जाथे, जब जुन्ना संगी के सुरता आथे-
मन मयूरा नाचे लगथे, अउ भौंरा हव गुनगुनाथे-
संगी लग मिलन के आश ह जाग जाथे-
अउ रहि-रहिके के मन हव गुदगुदाथे-
कइसे रहन संगे-संग, पढ़न संगे खान-
जावन गेती संगे-संग, मन के गोठ गोठियान
कभू झगड़न कभू लड़न कभू रिशा जान-
कभू-कभू सुरे-सुर मा बोलन ना गोठियान-
बाद मा मनाये खातिर देख के मुचमुचान-
हाथ ला धरे-धरे खावन अब्बड़ कीरिया-
तोर बिना रहना पड़िहीं वो ही अब्बड़ कीरिया-
आज जब बाड़ गयेन हो गयेन अब्बड़ बुढ़िया-
अपन-अपन जिनगी मा रमे हवन बढ़िया-
लइका-बच्चा जीवनसाथी जिम्मेदारी के सीढ़िया-
जेमा चढ़के संगे-संग पार करबो तरिया-
अउ संगी के सुरता ला गुनगुनात-
गुनगुनात गात रही वो ददरिया...

Posted on: Apr 09, 2016. Tags: Sangeeta Tiwari

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