आमा जामुन की दो डाल बन्नी झूलते चली...शादी गीत

ग्राम-सल्य्याकला, पोस्ट-सावरी बाजार, तहसील-मोहखेड़, जिला-छिन्दवाडा (मध्यप्रदेश) से संगीता धुर्वे एक बन्ना गीत सुना रहे हैं:
आमा जामुन की दो डाल बन्नी झूलते चली-
पायल लाया रे सुनार कड़ी टूटते चली –
कगना लाया रे सुनार कड़ी टूटते चली-
हरवा लाया रे सुनार कड़ी टूटते चली...

Posted on: Apr 30, 2017. Tags: SANGEETA DHURWE

जब तक रोटी के प्रश्नों पर पड़ा रहेगा भारी पत्थर...हिन्दी गीत

कुटरू, जिला-बीजापुर,(छत्तीसगढ़) से संगीता मिचा एक गीत सुना रही हैं:
जब तक रोटी के प्रश्नों पर पड़ा रहेगा भारी पत्थर-
कोई मत ख़्वाब सजाना तुम-
मेरी गली में ख़ुशी खोजते-
अगर कभी जो आना तुम-
कानो की बालियों में टपका हुआ पसीना-
सोचो की इनकी बूंदे मोती हैं या नगीना-
जब तक सूरज नहीं उगाले चंदा को न वापस पाले-
टिकली में लगाना तुम मेरी गली में ख़ुशी खोजते आना तुम...

Posted on: May 14, 2016. Tags: Sangeeta Micha

मन ह गदगद हो जाथे, जब जुन्ना संगी के सुरता आथे...छत्तीसगढ़ी कविता

बिलासपुर, छत्तीसगढ़ से संगीता तिवारी छत्तीसगढ़ी भाषा में एक कविता प्रस्तुत कर रही हैं. कविता बचपन-मित्रता और जिन्दगी-बदलाव व जिम्मेदारियों के संदर्भ में है:
मन ह गदगद हो जाथे, जब जुन्ना संगी के सुरता आथे-
मन मयूरा नाचे लगथे, अउ भौंरा हव गुनगुनाथे-
संगी लग मिलन के आश ह जाग जाथे-
अउ रहि-रहिके के मन हव गुदगुदाथे-
कइसे रहन संगे-संग, पढ़न संगे खान-
जावन गेती संगे-संग, मन के गोठ गोठियान
कभू झगड़न कभू लड़न कभू रिशा जान-
कभू-कभू सुरे-सुर मा बोलन ना गोठियान-
बाद मा मनाये खातिर देख के मुचमुचान-
हाथ ला धरे-धरे खावन अब्बड़ कीरिया-
तोर बिना रहना पड़िहीं वो ही अब्बड़ कीरिया-
आज जब बाड़ गयेन हो गयेन अब्बड़ बुढ़िया-
अपन-अपन जिनगी मा रमे हवन बढ़िया-
लइका-बच्चा जीवनसाथी जिम्मेदारी के सीढ़िया-
जेमा चढ़के संगे-संग पार करबो तरिया-
अउ संगी के सुरता ला गुनगुनात-
गुनगुनात गात रही वो ददरिया...

Posted on: Apr 09, 2016. Tags: Sangeeta Tiwari

भीमगढ़ भीमा न ठाना थे रो नेकी लाता ढोल ठिकाना थे...गोंडी भक्ति गीत

वर्धा (महाराष्ट्र) से संगीता जी एक गोंडी गीत गा रही हैं, इस गीत में बड़ादेव का सुमिरन किया गया है, इसे चैत के महीने में गाया जाता हैं:
भीमगढ़ भीमा न ठाना थे रो नेकी लाता ढोल ठिकाना थे-
चैत्र पंचमी ता दिने वयाना,चैत्र पंचमी ता दिने वयाना-
तन मन धन तल सेवा कियाना सत्य मंदा-
भीमा ना ठाना ते रो नेकी लाता ढोल ठिकाना थे-
भीमगढ़ भीमा न ठाना थे...

Posted on: Jun 06, 2015. Tags: SANGEETA MADAVI

जनम लिया यो जनम ले लै, धरती धरी-धरी जनम...सादरी विवाह गीत

जिला-सुंदरगढ़, ओडिशा से शांति, संगीता सादरी भाषा में एक गीत गा रहे हैं जिसे शादी में लड़की की विदाई के समय गाया जाता है:
जनम लिया यो जनम ले लै-
धरती धरी-धरी जनम...
हे पोसले या यो पोसले रे-
खूदी-चूनी से पोसले रे-
खुदी चुनी से पोस...
पोसले यायो पोसले रे-
भाते दूध में पोस-
पोसले रे दूधे-भात में पोस-
ये बड़लियायो बदल रे...
बड़लियायो बड़ले रे-
परके दूर के गांव-
पोसले रे दूर परके गांव-
ये अपना यायो के छोड़ले-
अपना बाबाके छोड़ले-
दुसरे यायो के अपनायायो बना...

Posted on: Feb 10, 2015. Tags: Shanti Sangeeta

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