नवरात्रि की पावन अवसर पर सभी सीजीनेट सुननें वाले साथियों को एंव देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाए

डूंगरपुर (राजस्थान) से प्रकाश मीणा नवरात्रि की पावन अवसर पर सभी सीजीनेट सुनने वाले साथियों को एंव देश वासियों को हार्दिक बधाई दे रहें हैं हार्दिक शुभकामनाएं और इस नवरात्र के पावन अवसर पर सभी देशवासियों को उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इस नवरात्रि त्योहार को हर्षवर्धन के साथ मनायें और इस कोरोना काल में सभी देशवासी स्वास्थ्य का अधिक से अधिक ध्यान रखें धन्यवाद. संपर्क@8003475825.

Posted on: Oct 17, 2020. Tags: STORY

6 माह के बाद भी नही मिला नेत्रहीन विकलांग पेंशन, कृपया नेत्रहीन विकलांग पेंशन दिलाने में मदद करे...

ग्राम-खेड़ी, ब्लॉक-नाथूसरी चोपटा, जिला-सिरसा (उत्तरप्रदेश) से प्रेंश कुमार (दृष्टिबाधित) नेत्रहीन विकलांग पेंशन नही मिलने की समस्या बता रहें हैं, नेत्रहीन विकलांग पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किये गया है जो अभी तक 6 माह हो गया हैं किन्तु अभी तक नही मिल रहा हैं नेत्रहीन विकलांग पेंशन इसलिए सीजीनेट सुनने वाले साथियों से अनुरोध कर रहें है दिए फ़ोन नंबर पर बात कर नेत्रहीन विकलांग पेंशन दिलाने में मदद करें. ऑनलाइन ऑपरेटर@9992749483, सरपंच@9729244166, संपर्क@7015677250. (179757) RK

Posted on: Oct 17, 2020. Tags: STORY

17 अक्टूबर को विश्व गरीबी उन्मूलन दिवस के साथ सभी साथियों को नवरात्रि की हार्दिक बधाई...

जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गंधर्व 17 अक्टूबर को विश्व गरीबी उन्मूलन दिवस के रूप में मनाया जाता है “एक दिन संयुक्त राष्ट्र की तरफ से गरीबी को खत्म करने के लिए समाज को एकजुट करने के लिए” और इसके साथ आज नवरात्रि पावन अवसर सभी सीजीनेट सुननें वाले साथियों को हार्दिक बधाईयाँ के साथ समस्त महिलाओं को अपनी अंतर शक्ति को बढ़ावा देते हुए हमेशा स्त्रीयों को साहस बने रहना चाहिए जिसे किसी कोई हिम्मत ना हो की किसी प्रकार की कोई दुर्व्यवहार कर सकें. RK

Posted on: Oct 17, 2020. Tags: STORY

प्रेरणादायक : "कोयल और कौआ" की एक कहानी...

जिला-बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार “कोयल और कौवा” एक कहानी बोली को मधुर बोली में परिवर्तित कैसे करें एक छोटी सी (प्रेरणादायक) कहानी सुना रहे हैं, एक कोयल आम के पेड़ पर बैठी थी और एक कौआ तेज रफ़्तार से जा रही थी| तो कोयल ने कहा भाई कहां जा रहे हो कौआ ने जवाब में कहा बहनी इस देश को छोड़कर विदेश जा रहा हूँ| क्योंकि यहाँ पर मेरा सम्मान नहीं है मैं जहाँ भी जाकर बैठ जाता हूँ वहां से मुझे उड़ा दिया जाता है इस पर कोयल बोली भईया इसके लिये स्थान बदलने से क्या होगा अपनी कड़वी बोली को मधुर बोली में परिवर्तित करो और अपना स्वाभाव बदलो इसी से सम्मान मिल सकता है.

Posted on: Oct 17, 2020. Tags: STORY

माता पिता की सेवा सभी को करना चाहिये...अनुभव-

ग्राम-सरई, जिला-डिंडोरी (मध्यप्रदेश) से संतोष अहिरवार अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं| यदि आप ऐसे संदेश रिकॉर्ड करना चाहते हैं तो 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं| (AR)

Posted on: Oct 17, 2020. Tags: STORY

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