हो रे रे रे मोह लाइन जूल गए...बांसुरी के साथ लोकगीत

ग्राम-लुरगीकला, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से सुखराम जी बांसुरी की धुन पर स्थानीय भाषा में एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं. गीत में प्रकृति वर्णन किया जा रहा है:
हो रे रे रे मोह लाइन झूल गए-
काजोगे काटेकला बांसे मोह लाइन झूल गए...

Posted on: Feb 25, 2016. Tags: SAVITA YADAV

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