शौचालय बनवाओ, नाहक समय ना गवाईयो...बुन्देलखंडी स्वच्छता गीत

ग्राम+पोस्ट-बांदकपुर, जिला-दमोह (मध्यप्रदेश) से संतोष भारती एक बुन्देलखंडी भाषा में स्वच्छता गीत सुना रहे हैं:
शौचालय बनवाओ, नाहक समय ना गवाईयो-
तारी घर की इज्जत देश की है शान-
शौच जाए बहार तो हो रही हैरान, लाज उनकी बचाओ-
गांधी जी का सपना स्वक्ष हो भारत देश-
आज हम दे रहे घर-घर संदेश-
स्वक्ष होवे सारे गांव, रोशन होवे नाव...

Posted on: Sep 09, 2018. Tags: BUNDELKHANDI DAMOH MP SANTOSH BHARATI SONG

कोन स्यात में बढई कक्का, अरे जब कुर्सी बना के धर दई...बुंदेलखण्डी गीत

ग्राम+पोस्ट-बांदाकपुर, जिला-दमोह (मध्यप्रदेश) से संतोष भारती बुंदेलखण्डी भाषा में एक गीत सुना रहे है:
कोन स्यात में बढई कक्का, अरे जब कुर्सी बना के धर दई-
अरी तोरी अक्कल खोह का कहिए, तेस ते आफत कर दई-
जब से प्रजा तंत्र जो आओ, पांच साल में होत चुनाव-
अरे तूड़ोभव कुर्सी को भाव, जो पा जावे छोड़त नईया-
अरे चुंबक सी फिट कर दई, तोरी अक्कल खोका कईए तेस से आफत कर दई-
जो बन जावे नोकर चाकर, बदल जात कुर्सी वो पाकर...

Posted on: Sep 08, 2018. Tags: BUNDELKHANDI DAMOH MP SANTOSH BHARATI SONG

कोर्ट-कचेरी-तहसीलों में, फिरते हैं निर्धन परिवार...बुन्देली आल्हा गीत

ग्राम व पोस्ट-बांधकपुर, तहसील व जिला-दमोह (म.प्र.) से एकता लोक मंच के साथी संतोष भारती एक बुन्देली आल्हा (लोकगायन की एक विधा) गा रहे हैं. भूमिहीनों को जमीन के पट्टे के लिए अधिकारी किस प्रकार से टालमटोल करते हैं और आम आदमी इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है, इस सन्दर्भ में यह गीत गाया गया है:
कोर्ट-कचेरी-तहसीलों में, फिरते हैं निर्धन परिवार
और अंत समय जब निर्णय सुनते, मिलती केवल उनको हार.…
सजा काटते बिन अपराधों, पड़ती है डंडों की मार
भूल गए रिश्वत लेने के, अधिकारी अपने अधिकार...
पैसे वाले निसदिन करते, चोरी-हिंसा-अत्याचार
कभी नहीं वे जाते थाने, घर पर आते थानेदार...
रुपया भरे अटैची ले गए, बोले चिंता की नई बात
खूब होने दो चोरी-डकैती, में है तुम्हरो हरदम साथ...
इस कारन से सीजीनेट में, जुड़ जाओ भैया सब साथ...
जब आम आदमी तहसीलदार-पटवारी के पास जाकर कहता है कि पट्टा की जरुरत है, तो अधिकारी कैसे जवाब देते हैं:-
पट्टा चाहिए हमको भैया, पटवारी से कही सुनाय
आना-कानी रोज करत है, नौ महीना लो हमें फिराय...
एक दिना पटवारी बोला, साँची भैया बात बताय
करो गरम जा जेब हमारी, पट्टो जल्दइ देहूँ बनाय
ना कर फिरत रहे तै सालों, तोरी सुनता कोउनो नाय
ऊपर तक तो बंधे कमीशन, एहीसे पट्टो मिलबे नाय
इस कारण से भैया, हम तुमसे कहत है
सीजीनेट में, सब मिल जाओ
सीजीनेट में कदम बढ़ाके, सबरी योजनाओं का फल पाओ

Posted on: Sep 19, 2014. Tags: Santosh Bharati