किसान स्वर: कम खर्च में अच्छी खेती कर हम किसान उन्नत और खुशहाल स्थिति तक पहुँच सकते है...

झाबुआ (मध्यपदेश) से संदीप बैरागी बता रहे हैं, हम अक्सर पढ़ते है हमारा देश सोने की चिड़िया अर्थात संपन्न और खुशहाल हुआ करता था, जिसका कारण है किसान, हमारे देश में मसाला बहुत मात्रा में उत्पादन होता था, जिसे विदेशो में बेचा जाता था, जिसके अच्छे दाम मिलते थे, लेकिन धीरे-धीरे विदेशी कंपनियों ने एकाधिकार कर देशी उद्योग को खत्म कर दिया, जिसके परिणामस्वरुप आज किसान बेहाल है, किसान आज अपनी खेती अपनी मर्जी से नही कर रहा है, दवाई कम्पनियो के चंगुल में फस चुका है, दवाई कम्पनियों के एजेंट आते हैं, और अपनी दवाई का प्रचार कर बेचते हैं, इसलिए वे सभी से अनुरोध करते हुए कह रहे हैं कि हम ऐसी खेती करें, जिसमे कम खर्च पर अच्छी खेती हो तभी हम उन्नत और खुशहाल हो सकते हैं, आज हमें आत्म निर्भर होने की आवश्यकता है : बैरागी@8817049109.

Posted on: Aug 20, 2018. Tags: JHABUA KISAN MADHYA PRADESH SANDIP KUMAR BAIRAGI

लड़का होगा या लड़की इसके लिए महिला जिम्मेदार नही, मानसिकता को बदलने की आवश्यकता...

लोगों के मन में इच्छा होती है कि उसके घर में बेटा जन्म ले और उसकी चाह से अक्सर महिलाओं पर अत्याचार होता है, जबकि उसका कारण महिला नही है फिर भी वे अत्याचार का शिकार होती है, लड़का जन्म लेगा या लड़की यह पुरुष के गुणसूत्रों पर निर्भर करता है, लेकिन समाज में मानसिकता है कि इसका कारण महिला ही हैं, पुरुष में X, Y और महिला में X, X गुणसूत्र होते हैं, जब पुरुष का Y और महिला का X गुणसूत्र मिलता है, तब बेटा, लेकिन जब पुरुष और महिला दोनों का X, X गुणसूत्र मिलता है तो बेटी होती है, महिला में बेटे का गुण होता ही नही फिर भी उसे जिम्मेदार ठहराया जाता है, अत्याचार होता है इसलिए आज के इस मानसिकता को बदलने की आवश्यकता है |

Posted on: Jul 31, 2018. Tags: SANDIP KUMAR BAIRAGI