हाय-हाय जिंदगनियां, कटे दिन-रात...आदिवासी करमा गीत

सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा से रामकली उइके गाँव-कोइलारी, जिला मंडला , मध्यप्रदेश से कमिली धुर्वे जी द्वारा प्रस्तुत एक करमा गीत सुनवा रही हैं:
हाय-हाय जिंदगनियां, कटे दिन-रात
कोई पहने सुन्दर ओह पर, मखमल रेशम दार
गरीब पहने फटा-पुराना,पइसन का लाचार
देख-देख हँसे दुनिया, कटे दिन-रात
हाय-हाय जिंदगनियां, कटे दिन-रात
कोई खावे दूध-मलाई, खीर-चावल-शक्कर
गरीब खावे रूखा-सूखा, पक-पक लटक दार
दिन-रत तेज पसिया कटे दिन रात ....
हाय-हाय जिंदगनियां कटे दिन रात
हाय-हाय.....

Posted on: Sep 26, 2014. Tags: Ramkali Uike

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