किसी के सांथ अन्याय नही करना चाहिए उसका परिणाम बुरा होता है...कहानी-

मोहन और रमेश दो भाई थे, वे एक गरीब परिवार से थे, एक बार दोनो काम की तलाश में निकले मोहन को एक सरदार के घर काम मिला, सरदार उसे दिन में पत्ते में भोजन और रात में आधी रोटी देने की बात कहा, जिसे मानकर मोहन रहकर काम करने लगा, उसे बकरी चराने का काम मिला,काम के बाद इमली के पत्ते मे भोजन और आधी रोटी दिया जाता, कई दिनो बाद भाई के वापस न आने पर रमेश खोजते हुवे सरदार के घर पहुंचा तो देखा भाई वहां रहकर पतला दुबला हो चुका है, तब उसने भाई को घर भेज दिया और उसकी जगह पर खुद रहने लगा, रमेश काम के बाद जब तालाब मे नहाने जाता तो कमल का एक पत्ता प्रतिदिन तोड़कर लाता, सरदार कमल के पत्ते में भोजन देने से कतराते लेकिन मजबूरन देने लगे और रात को आधी रोटी, सरदार के इस व्यहार से परेशान होकर रमेश जब बकरी चराने जाता तो प्रतिदिन एक बकरी को मारकर खाता और उसकी खाल इमली के डाली में लटका देता, सरदार ने देखा बकरियों की संख्या घटती जा रही है, तो उसने रमेश से पूंछा जिस पर उसने सरदार को इमली के पेड़ के पास ले जाकर कहा आपका बकरी इमली का पत्ता खा रहा है, इससे सीख मिलती है कि किसी के सांथ अन्याय नही करना चाहिए उसका परिणाम बुरा होता है |

Posted on: Jul 31, 2018. Tags: RAJENDRA MUNDA

हम लोग नहीं छोडेंगे : एक आदिवासी बालक की कविता

हमारा राज्य अति सुन्दर
हमारा गांव अति सुन्दर
स्वर्ण से भी दुगुना
हम सब नहीं छोडेंगे

जीवन के अंतिम सांस तक लडेंगे
हमारे यहां सोना चांदी

लोहा कोयला खनिज का भंडार है
हम लोग नहीं छोडेंगे
काम काज मेहनत से करेंगे
नदी के तराई में सुन्दर खेत
सोना रूपा की भांति नृत्य अखाडा

जंगल पहाड से समाया है
जब तक चांद सूरज रहेगा
हमारी लडाई चलता रहेगा

राजेन्द्र मुण्डा

Posted on: Nov 22, 2010. Tags: Rajendra Munda

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