हाय रे हाय रे हमर महात्मा गांधी, चरो कती छाए हे बहार...देशभक्ति गीत-

मानव जीवन ज्योति नेत्रहीन विद्यालय कुनकुरी बतौली, जिला सरगुजा (छत्तीसगढ़) से रोशन एक्का सरगुजिहा भाषा में एक देशभक्ति गीत सुना रहे हैं :
हाय रे हाय रे हमर महात्मा गांधी-
चरो कती छाए हे बहार-
हमर भारत देश के तो आजादी देलवाय, 1947 मा-
हमर भारत देश के तो संविधान लागू करवाई, 1950 मा-
हाय रे हाय रे हमर महात्मा गांधी-
चरो कती छाए हे बहार...

Posted on: Sep 30, 2018. Tags: CG PATRIOTIC ROSHAN EKKA SONG SURGUJA SURGUJIHA

येंदेना गर्सेना नाटे गोटुल वायना...गोंडी गोटुल गीत

ग्राम-सिरसांगी, पंचायत-आमागाँव, ब्लॉक-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) अनेश, चम्पा और रोशन प्राथमिक शाला सिरसांगी के बच्चे है वे लोग एक गोंडी गोटुल गीत सुना रहे है:
येंदेना गर्सेना नाटे गोटुल वायना-
लयोरा घोटु ते नाटे ना घोटु ते-
लयोरा घोटु ते नाटे ना घोटु ते-
कोलंग पर्रे न नना वायेना-
लयोरा घोटु ते नाटे ना घोटु ते...

Posted on: Aug 13, 2018. Tags: ANESH CG CHAMPA GONDI SONG KANKER ROSHAN

दे तो, दे तो परोसिन छेना में आगी मोर दुदरू भुखागे...किसानी ददरिया गीत-

ग्राम पंचायत-तरहुल, तहसील-दुर्गुकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से कुमारी रोशनी, कुमारी मनीषा, कुमारी प्रतिभा और कुमारी देविका अपने सहेलियों के साथ एक ददरिया गीत सुना रहे हैं जो खेती के समय महिलाएं गाती हैं :
दे तो, दे तो परोसिन छेना में आगी मोर दुदरू भुखागे-
देवर आगे संगी-संगी के खटिया-
लोहा के झुलना डेरी हांथ के धड़कना-
दामन बिलवा राजा रईनी में झारा ददरिया रे दोस-
पाहर परभर देखे ला हरियर, टोपी वाला न तो दिखे बदेहों नरियर...

Posted on: Jul 28, 2018. Tags: KUMARI ROSHANI RANO WADDE SONG

श्रीराम जयराम जय-जयराम...भक्ति गीत -

ग्राम-डेढ़खोह्का, ब्लाक-चारामा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से हिरोशनी यादव एक भक्ति गीत सुना रही है:
श्रीराम जयराम जय-जयराम-
कौशलिया के प्यारे राम-
दशरत राज दुलाहरे राम-
श्रीराम जयराम जय-जयराम...

Posted on: Jan 12, 2018. Tags: HIROSHANI YADAV

ऐ मेरे वतन के लोगो जरा आंख में भर लो पानी...देशभक्ति गीत -

भंडारपारा, जिला-जशपुर (छत्तीसगढ़) से रोशन एक्का अपने मित्रो के सांथ एक देशभक्ति गीत सुना रही हैं :
ऐ मेरे वतन के लोगो जरा आंख में भर लो पानी – जो शहीद हुऐ हैं उनकी जरा याद करो कुर्बानी – जब घायल हुआ हिमालय खतरे में पड़ी आजादी – जब तक थी सांस लड़े वे भी फिर अपनी लाश बिछा दी
संगीन पे धर कर माथा सो गये अमर बलिदानी – जब देश में थी दिवाली वो खेल रहे थे होली...

Posted on: Dec 19, 2017. Tags: ROSHAN EKKA

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