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जगह-जगह तोर जोती जले है जय हो गजानंद स्वामी...भजन गीत -

ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से रेवालाल केवट एक भजन सुना रहे हैं :
जगह-जगह तोर जोती जले है जय हो गजानंन स्वामी – चला चली पूजा करे ला जुल मिल के संगवारी – पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े स्वामी मेवा – लडूवन के भोग लगे संत करे स्वामी सेवा – भादो महीना तोर पूजा होथे जय हो गजानंन स्वामी – चला चली पूजा करे ला जुल मिल के संगवारी...

Posted on: Dec 18, 2017. Tags: REWALAL KEWAT

हमें किसी भी हिंसक प्राणी पर भरोसा नहीं करना चाहिए...कहानी -

एक गाँव के पास जंगल के पहाड़ में एक शेर रहता था जिसे गाँव से मुर्गियां बकरियां खाने की आदत हो गई थी जिससे गाँव के लोग काफी परेशान थे एक दिन गाँव के लोगों ने एक पिंजरा बनाकर शेर के आने जाने वाले रास्ते में रख दिया जिसमे शेर फंस गया और जोर जोर से चिल्लाने लगा, एक ब्राम्हण पूजा के लिए राह से गुजर रहा था तभी शेर ने उनसे मदद मागी उन्हें शेर पर दया आया और उन्होंने पिंजड़ा खोल दिया पिंजड़ा खुलते ही शेर ने ब्राम्हण पर हमला कर बोला मुझे बहोत भूख लगी है मै तम्हे खा जाऊंगा जिससे ब्राम्हण डरकर बचाव-बचाव चिल्लाने लगा पेड़ पर बैठा एक बंदर ये सब देख रहा था बन्दर ने कहा जंगल का राजा शेर एक चूहे पकड़ने वाले पिंजड़े में हो ही नही सकता तब शेर को लगा ये मुझे झूठा साबित कर रहा है तो वह पिंजड़े में चला गया और पिंजड़ा बंद हो गया, ब्राम्हण की जान बच गई और वह अपने घर की ओर भाग गया इससे सीख मिलती है हमें किसी भी हिंसक जानवर पर भरोसा नही करना चाहिये |

Posted on: Dec 14, 2017. Tags: REWALAL KEWAT

कबीरा जब हम पैदा हुए...कबीर भजन-

ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-फुन्गा, जिला-अनुपपुर (म.प्र.) से रेवालाल केवट कबीर का रचा एक भजन गीत सुना रहे है:
कबीरा जब हम पैदा हुए-
जग हँसे हम रोये-
ऐसी करनी कर चले-
हम हँसे और जग रोये-
चदरिया झीनी रे झीनी...

Posted on: Dec 14, 2017. Tags: REWALAL KEWAT

मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती...देशभक्ति गीत -

ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनुपपुर (छत्तीसगढ़) से रेवालाल केवट एक देशभक्ति गीत सुना रहे है:
मेरे देश की धरती सोना उगले-उगले
हीरे मोती मेरे देश की धरती-
बैलों के गले में जब घुंघरू जीवन का राग सुनाते हैं-
ग़म कोस दूर हो जाता है खुशियों के कंवल मुस्काते हैं-
सुनके रहट की आवाज़ें यूँ लगे कहीं शहनाई बजे-
आते ही मस्त बहारों के दुल्हन की तरह हर खेत सजे-
मेरे देश की धरती सोना उगले-उगले हीरे मोती...

Posted on: Dec 13, 2017. Tags: REWALAL KEWAT

आज से मेरे सपने तेरे...साईं भजन गीत -

ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनुपपुर (छत्तीसगढ़) से रेवालाल केवट एक साईं भजन गीत सुना रहे है:
आज से मेरे सपने तेरे-
देखूं साईं तुझे शाम सबेरे-
चंचल मनवा तू न पहेरे-
जब तक तुम इतना कर दो-
रह सकता हूँ भूखा प्यासा-
आज से मेरे सपने तेरे...

Posted on: Dec 13, 2017. Tags: REWALAL KEWAT

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