बेताबी का खामोसी का एक अनजाना सा नगमा है...गीत

जिला -बालाघाट (मध्यप्रदेश) से ऋतु चौधरी एक गीत सुना रही हैं :
बेताबी का खामोसी का एक अनजाना सा नगमा है-
महसूस इसे कर के देखो, हर सांस यहाँ एक सदमा है-
इसको जितना समझो उतना कम है, जीवन सुख दुःख का संगम है-
कभी पतझड़ है कभी सावन है, ये आता जाता मौसम है-
कभी हँसना है कभी रोना है, जीवन सुख दुःख का संगम है-

Posted on: May 27, 2017. Tags: REETU CHAUDHARI

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