Baiga bultoo (Bluetooth) Radio in Hindi And Gondi language: 7th june 2019…

Today Rakesh Kumar and HD Gandhi are presenting Baiga Bultoo Radio in Hindi and Gondi languages in this latest edition with stories from Chhattisgarh. Villagers use their mobile phones to record these songs and reports. They call 08050068000 to record. Now, this program can be downloaded by people from their Gram Panchayat office if it has Broadband or from a download center nearby. They can also get it from someone nearby with the smartphone and then via Bluetooth.

Posted on: Jun 07, 2019. Tags: BULTOO RADIO HD GANDHI RAKESH KUMAR

जिंदगी में कोई चुनौती आये तो उसे मजबूती से सामना करना चाहिये...कहानी

एक बार की बात है| गांव में सूखा पड़ जाता है| सभी गांव वालो की फसल बर्बाद हो जाती है| सभी परेशान हो जाते है | और आपस में चर्चा करने लगते हैं| जरुर हमारे गांव में किसी ने पाप किये होंगे| जो भगवान बदला ले रहा है|” इस तरह कई चर्चा होने लगी| सभी तय करते हैं| चलो भगवान के दर्शन करने चलते हैं| वहां प्रार्थना करते हैं| हो सकता है बारिस हो जाये| और चल पड़े| सब अच्छे से हो जाता है| फिर सभी वापस लौटते हैं| तब उन्हें रास्ते में रात हो जाता है| उनकी गाड़ी घने जंगल से गुजरती है| सभी डरे होते हैं| उनके दिमाग में तरह-तरह के ख्याल आने लगते हैं| एक के बाद एक समस्या होने लगती है | फिर अचानक बारिश होने लगती है| जोर से बिजली कड़कने लगती है| और बार-बार उनके गाड़ी पास बिजली गिरती है| सभी में चर्चा होने लगती है| आज किसी का आखरी दिन है| सभी अपनी सुरक्षा के लिये प्रार्थना करने लगते हैं| उसमे से एक बोलता है| आज किसी एक की मौत तय है| उसे गाड़ी से उतार दिया जाये| तभी हम बच सकते हैं| लेकिन उसकी पहचान कैसे हो| तभी उनमे से एक बोलता है| सभी एक-एक कर गाड़ी से उतरकर सामने के पेड़ को छूकर आयेंगे| जिसकी मौत पक्की होगी| उस पर बिजली गिर जायेगी| सभी एक-एक कर पेड़ को छूकर आने लगे| पहले भुवन, दूसरे में शामू, तीसरे में भीमा जाता है| सभी बच जाते हैं| आखरी बारी नत्थू की होती है| तो उसे लगता है| उसके वजह आज सभी जोखिम में फस गये हैं| और उदास हो जाता है| फिर वह खुद को दोषी मानकर सभी के सुख के प्रार्थना करते हुए| खुद को मौत सौपने के लिये| पेड़ को छूने जाता है| तभी गाड़ी पे बिजली गिर जाती है| और उसके सभी साथी मर जाते हैं| जिससे वह दुखी होता है | और उनके जीवन के लिये प्रार्थना करता है| जिससे सभी फिर जीवित हो जाते हैं, और नत्थू से माफ़ी मांगते हैं|

Posted on: Apr 26, 2019. Tags: ANUPPUR MP RAKESH KUMAR STORY

जातिवाद और छुवा छूत एक सामाजिक बुराई है...कहानी-

एक दिन एक पंडित को प्यास लगी| संयोगवश उसके घर में पानी नहीं था| इसलिये उसकी पत्नी पड़ोस के घर से पानी ले आई| पानी पीने के बाद पंडित ने पूछा कहां से लाई हो बहोत ही ठण्डा है|पत्नी ने बताया| कुम्हार के घर से| ये सुनकर पंडित चिल्लाने लगा, और बोला मेरा धर्म भ्रष्ट कर दिया| शूद्र कुम्हार के घर का पानी पिला दिया| पत्नी डर से कांपने लगी, और माफ़ी मांगी| शाम को जब पंडित खाने पर बैठा| तो देखा घर में खाने को कुछ नहीं बना था| पूछने पर उसकी पत्नी ने जवाब दिया| क्या बनाती जो अनाज पकाया था| उसे उगने वाला, कड़ाही को बनाने वाला सभी शुद्र थे| इसलिये सब फेक दिया | इतने में गुस्से से पंडित बोला पानी ही ले आओ| पत्नी बोली घड़ा फेक दिया| उसे शूद्र कुम्हार ने बनाया था| तब उसने कहा दूध ले आओ तो जवाब मिला| वो भी फेक दिया| उसे चमार शूद्र ने गाय से निकला था| उसने बोला दूध में कभी छूत लगती है क्या ? पत्नी बोली ये कैसी छूत है| जो पानी में लगती है| और दूध में नहीं लगती| इतने में वो परेशान होकर बोला खाट लगा दो आराम कर लूं| पत्नी बोली उसे भी तोड़कर फेक दिया| अब घर तोड़ना बाकी है| पंडित के पास कोई जवाब नहीं था |

Posted on: Apr 21, 2019. Tags: MP RAKESH KUMAR STORY

अपने मजे के लिये किसी को परेशान नहीं करना चाहिये...कहानी-

किसी जादूई देश में परियों की रानी रूही का अलिसान महल था| वह बहुत ही दयालु रानी थी| अपने महल में वे सभी का ध्यान रखती थी| सभी परियां एक दूसरे की मदद करती थी| किसी को परेशान नहीं करती थी| लेकिन उनके बीच एक नटखट और सरारती परी भी थी| जो हमेशा अपनी शरारतो से दूसरो को परेशान करती थी| एक दिन दो परियां बगीचे में पानी दे रही होती हैं| तब नटखट परी तृषा उनके पीछे जाकर चुपके से दोनों की चोटी एक दूसरे की चोटी से बांध देती है| जब दोनों परियां अलग-अलग दिशाओं में जाती हैं| तो उनके बाल खिच जाते हैं| जिससे दोनों रोने लगती है| ये देख तृषा बहोत खुश होती है| तब परियां तृषा पर गुस्सा करती हैं| लेकिन वह ये सब की नगर अंदाज कर चली जाती हैं| तृषा की शरारते दिनों दिन बढ़ती जाती है| एक दिन वह रसोई में मदद के बहाने पूरे खाने में बहुत नमक डाल देती है| जिस पर खाना पकने वाले को डाट पड़ती है| तब सभी तृषा की शिकायत करते हैं| जिस पर रानी परी योजना बनाकर उसे सबक सिखाती है| उसके बाद से तृषा को समझ आ जाता है कि अपने मजे के लिये दूसरो को परेशान नहीं करना चाहिए|

Posted on: Apr 15, 2019. Tags: ANUPPUR MP RAKESH KUMAR STORY

फागुन आता देखकर, उपवन हुआ निहाल...होली पर कविता-

जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से राकेश कुमार होली के त्योहार पर एक कविता सुना रहे हैं:
फागुन आता देखकर, उपवन हुआ निहाल-
अपने तन पर लेपता, केसर और गुलाल-
तन हो गया पलाश-सा, मन महुए का फूल-
फिर फगवा की धूम है, फिर रंगों की धूल-
मादक महुआ मंजरी, महका मंद समीर-
भँवरे झूमे फूल पर, मन हो गया अधीर...

Posted on: Mar 21, 2019. Tags: ANUPPUR MP POEM RAKESH KUMAR

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