अपने मजे के लिये किसी को परेशान नहीं करना चाहिये...कहानी-

किसी जादूई देश में परियों की रानी रूही का अलिसान महल था| वह बहुत ही दयालु रानी थी| अपने महल में वे सभी का ध्यान रखती थी| सभी परियां एक दूसरे की मदद करती थी| किसी को परेशान नहीं करती थी| लेकिन उनके बीच एक नटखट और सरारती परी भी थी| जो हमेशा अपनी शरारतो से दूसरो को परेशान करती थी| एक दिन दो परियां बगीचे में पानी दे रही होती हैं| तब नटखट परी तृषा उनके पीछे जाकर चुपके से दोनों की चोटी एक दूसरे की चोटी से बांध देती है| जब दोनों परियां अलग-अलग दिशाओं में जाती हैं| तो उनके बाल खिच जाते हैं| जिससे दोनों रोने लगती है| ये देख तृषा बहोत खुश होती है| तब परियां तृषा पर गुस्सा करती हैं| लेकिन वह ये सब की नगर अंदाज कर चली जाती हैं| तृषा की शरारते दिनों दिन बढ़ती जाती है| एक दिन वह रसोई में मदद के बहाने पूरे खाने में बहुत नमक डाल देती है| जिस पर खाना पकने वाले को डाट पड़ती है| तब सभी तृषा की शिकायत करते हैं| जिस पर रानी परी योजना बनाकर उसे सबक सिखाती है| उसके बाद से तृषा को समझ आ जाता है कि अपने मजे के लिये दूसरो को परेशान नहीं करना चाहिए|

Posted on: Apr 15, 2019. Tags: ANUPPUR MP RAKESH KUMAR STORY

फागुन आता देखकर, उपवन हुआ निहाल...होली पर कविता-

जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से राकेश कुमार होली के त्योहार पर एक कविता सुना रहे हैं:
फागुन आता देखकर, उपवन हुआ निहाल-
अपने तन पर लेपता, केसर और गुलाल-
तन हो गया पलाश-सा, मन महुए का फूल-
फिर फगवा की धूम है, फिर रंगों की धूल-
मादक महुआ मंजरी, महका मंद समीर-
भँवरे झूमे फूल पर, मन हो गया अधीर...

Posted on: Mar 21, 2019. Tags: ANUPPUR MP POEM RAKESH KUMAR

फागुन तिहार आगे रंगो संगवारी...छत्तीसगढ़ी फागुन गीत-

जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से राकेश कुमार एक छत्तीसगढ़ी फागुन गीत सुना रहे हैं:
फागुन तिहार आगे रंगो संगवारी-
संगी जहुंरिया मन मारय पिचकारी-
छोटे बड़े लईका मन देवय किलकारी रे-
फागुन तिहार आगे रंगो संगवारी-
हां संगी जहुंरिया मन मारय पिचकारी-
ले चल रे सैंया बनारस के खोर में-
कुछ भेद नइये रे तोर अउ मोर में...

Posted on: Mar 20, 2019. Tags: ANUPPUR MP RAKESH KUMAR SONG

हमें दूसरो की कमी को ही ध्यान नहीं देना चाहिये बल्कि उसे दूर कर अच्छाई को निखारना चाहिये...कहानी-

एक गांव में रामू नाम का एक गरीब किसान रहता था| रामू के पास एक छोटा सा खेत था| जिससे वह अपना घर चलता था| एक दिन वह बाजार में खेत के लिये बीज खरीद रहा था| तभी उसकी नजर दो बड़ी और सुंदर घडो पर पड़ती है, रामू दोनों घडो को खरीद कर घर की ओर चला जाता है| अगली सुबह वह दोनों घडो में लकड़ी बांधकर पानी भरने नदी में जाता है| वह पानी लेकर वापस आता है, तो देखता है कि एक घड़ा फूटा है, जिसमें आधा पानी है| ये देखकर वह निरास नहीं होता और अपने काम पर चला जाता है| दिन गुजरते जाते हैं| रामू प्रतिदिन उन्ही घड़े से पानी लाता है| ये सब देखकर फूटा घड़ा दुखी होता है कि फूटे होने के बाद भी रामू उसे फेकता नहीं उससे पानी लाता है| अगले दिन फूटा घड़ा अपने मालिक से दुखी होकर अपनी कमी को बताता है| रामू कहता है मुझे तुममे कोई कमी नहीं दिखाई देती| वह फिर पानी लेने चला जाता है | फूटा घड़ा रास्ते में खिले फूलो को देखकर अपनी कमी को भूल जाता है लेकिन वापस घर आधे पानी लाने पर दुखी होता है| तब रामू बताता है | रास्ते में जो सुंदर फूल देखकर तुम अपनी कमी को भूल गए थे वे फूल तुम्हारे वजह से ही लगे हैं, तुमसे जो पानी गिरता है उसी से वो फूल उगे हैं और इससे मुझे आमदनी भी होती है| इस कहानी से सीख मिलती है | हमें दूसरो की कमी को ही ध्यान नहीं देना चाहिये बल्कि उसे दूर कर अच्छाई को निखारना चाहिये|

Posted on: Mar 19, 2019. Tags: RAKESH KUMAR STORY

Chhattisgarh Bultoo (Bluetooth) Radio in Hindi language: 26th Jan 2019…

Today Rakesh Kumar and HD Gandhi are presenting Bultoo Radio in Hindi languages in this latest edition with stories from Chhattisgarh. Villagers use their mobile phones to record these songs and reports. They call 08050068000 to record. Now, this program can be downloaded by people from their Gram Panchayat office if it has Broadband or from a download center nearby. They can also get it from someone nearby with the smartphone and then via Bluetooth.

Posted on: Jan 26, 2019. Tags: BULTOO HD GANDHI RADIO RAKESH KUMAR

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