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स्वास्थ्य स्वर : नागरमोथा पौधे के औषधीय गुण और उपयोग-

जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेंद्र सिंह राय नागर मोथा पौधे के औषधीय गुणो के बारे में बता रहे हैं, नागर मोथा को गोंदला जड़ के नाम से भी जाना जाता है, नागरमोथा के जड़ या मूल का चूर्ण बना लें और दो चम्मच चूर्ण एक गिलास पानी में डालकर पूरी रात रहने दें, सुबह नहाने से पहले बालो की जड़ो में अच्छे से लगाएं, इससे बालो का झड़ना कम हो सकता है और बालो के बढ़ने, काले होने में मदद मिल सकती है, इसके अलावा उसके चूर्ण को तीली के तेल में मिलाकर लगाने से भी बाल काले और लंबे हो सकते हैं, इसके अलावा यदि किसी को घाव हो जाए तो ताजे नागरमोथा के जड़ को घिसकर गाय के घी के साथ लगाएं, इससे घाव भर सकता है : राघवेंद्र सिंह राय@6306748178.

Posted on: Oct 18, 2018. Tags: HEALTH MP RAGHWENDRA SINGH RAI SWARA SWASTHYA TIKAMGARH

स्वास्थ्य स्वर : गूमा के पत्ते से सिर दर्द का घरेलू उपचार-

जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय गूमा जिसे द्रोणपुष्पी भी कहते हैं, के प्रयोग से सर दर्द का घरेलू उपचार बता रहे हैं, यदि किसी व्यक्ति का सिर दर्द हो रहा हो, पूरा दिन दर्द बना रहता हो, तो गूमा के पत्ते का काढ़ा या कल्क बनाकर सुबह माथे पर लेप करने और पत्ते का रस एक-एक बूंद नाक में डालने से लाभ हो सकता है, अधिक जानकारी के लिए दिए गए नंबरो पर संपर्क कर सकते हैं और स्वास्थ्य संबंधी सलाह ले सकते हैं : राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.

Posted on: Oct 10, 2018. Tags: HEALTH MP RAGHWENDRA SINGH RAI SWARA SWASTHYA TIKAMGARH

स्वास्थ्य स्वर : रक्त पुनर्नवा पौधे के औषधीय गुण और उपयोग-

जिला-टीकमगढ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय आज हम लोगो को रक्त पुनर्नवा पौधे के औषधीय गुण और उपयोग बता रहे है, यदि किसी को मूत्र अवरोध हो रहा हो, पेशाब में दिक्कत होती है, तो रोगी को रक्त पुर्ननवा का पंचाग अर्थात जड़, फूल, पत्ती, तना सभी का मिश्रण बनाकर उसे 2 चम्मच लें और एक गिलास पानी में उबाले, जब पानी आधा शेष रह जाए तो उसे ठण्डा कर लें और सुबह-शाम भोजन के बाद रोगी को पिलाएं इससे लाभ मिल सकता है, अधिक जानकारी के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.

Posted on: Oct 01, 2018. Tags: HEALTH MP RAGHWENDRA SINGH RAI SWASTHYA SWARA TIKAMGARH

स्वास्थ्य स्वर : कटसरैया के पौधे के औषधीय गुण और प्रयोग-

जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय कटसरैया पौधा जिसे पियाबासा भी कहते हैं उसके औषधीय गुणों को बता रहे हैं, कटसरैया के पत्तों का रस मधु (हनी) में मिलाकर दांतों और मसूड़े पर मालिस करने से दांतों से रक्त बहना और दांत का दर्द ठीक हो सकता है, उसके पंचांग का कल्क अर्थात चूर्ण को तेल में धीमी आंच पर पकाएं, पकने के बाद उतार लें, और अच्छी तरह से घोलें उसके बाद दाद खाज, खुजली चर्म रोग में कपूर मिलाकर लगाएं, इससे चर्म रोग में आराम मिल सकता है : राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.

Posted on: Sep 30, 2018. Tags: HEALTH MP RAGHWENDRA SINGH RAI SWARA SWASTHYA TIKAMGARH

स्वास्थ्य स्वर : गूंजा या रत्ती के पौधे का औषधीय गुण और प्रयोग-

जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय गुंजा या रत्ती के औषधीय गुणो और उसके उपयोग के बारे में बता रहे हैं, गुंजा के पत्तो और मिश्री को एक साथ चबाकर-चबाकर चूसने से कंठ विकार अर्थात गले की बीमारी में लाभ मिल सकता है,
दूसरा : दांत में कीड़े होने पर गुंजा के जड़ का दातुन के रूप में प्रयोग कर सकते हैं, इसके रस से दांत के कीड़े नष्ट हो सकते हैं, अधिक जानकारी के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.

Posted on: Sep 27, 2018. Tags: HEALTH MP RAGHWENDRA SINGH RAI SWARA SWASTHYA TIKAMGARH

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