ये सोचो मोर बेटी रही, चाँदी सुरुज लेके...डोमकच्छ गीत-

ग्रान पंचालय, डिज़ावल, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से ललमनिया और सुनीता एक डोमकच्छ गीत सुना रहे हैं :
ये सोचो मोर बेटी रही, चाँदी सुरुज लेके-
एके गो मोर बेटी रही, गनगयो तरईया जैसे-
किसान दामाद युगल तईया जईसे-
ए कैसे मोर बेटी रही, चाँदी सुरुज लईके...

Posted on: Mar 03, 2019. Tags: CG DOMKACHCHH PRATAPUR SONG SUNITA SURAJPUR

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