बूढी दाई बताईस हमला...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
बूढी दाई बताईस हमला-
दसिया कूटे खानी-
छत्तीसगढ़ी महतारी जिनसे-
कहना आनी बानी-
भरे हे कतका सूपा सूपा-
बिछुवा झुमकी मुदरी...

Posted on: Apr 17, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

पर्वतों के शिखर से आ रही आवाज...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
पर्वतों के शिखर से आ रही आवाज-
तुम मुझे विनाष क्यों कर रहे हो आज-
मै तो सदियों से खड़ा हूँ तुम आये हो आज-
तुम मुझे बर्बाद करने को क्यों तुले हो आज-
मै तुम्हे शुद्ध हवा डेटा हूँ, मै ही देता हूँ तुम्हे पानी-
मेरा उपकार को भूलकर कर रहे हो अपनी मनमानी...

Posted on: Apr 12, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

ऊँची पहाड़ ऊँचा पेड़ नहीं वहां कोई माली...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
ऊँची पहाड़ ऊँचा पेड़ नहीं वहां कोई माली-
कुदरत उनकी रक्षा करे शेर भालू करे रखवाली-
फल फूल डेटा हमको लकड़ी भी भारी भारी-
हमारा वो सब शुभ चिंतक हैं नहीं चलाना उन पर आरी-
वे वर्षा करवाते हैं बादलों को बुलाकर-
वे जीवन बचाते हैं शुद्ध वायू हमें देकर...

Posted on: Apr 11, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

दाई दादा जैसे कुकुर काकर...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
दाई दादा जैसे कुकुर काकर-
सास ससुर दूध दही खाथे-
दाई दादा बर खोरो खटिया-
ओकर बर पलंग बिछाथे-
दाई दादा जैसे कुकुर काकर-
ये ओकय चुचुवाथे

Posted on: Apr 09, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

आम महुआ तेंदू चार, सारे छोड़ गये मझधार...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
आम महुआ तेंदू चार, सारे छोड़ गये मझधार-
ऊपर वाले करे बेड़ा पार-
घर में लटकती लम्बी तलवा-
महामारी कोरोना झकझोरा-
जो भी आग था थोड़ा मोड़ा-
दो राहों में ला के क्या खड़ा...

Posted on: Apr 08, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIPUR

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