सोथे कीये जीवो, जीवो, वृन्दावन जाई...उड़िया गीत-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी उड़िया भाषा में एक भजन सुना रहे हैं :
सोथे कीये जीवो, जीवो-
वृन्दावन जाई-
स्थानो पाई वोहे, राधा गोविंद-
ये कृष्णो दया, ही ओहे-
राधा गोविंद...

Posted on: Mar 18, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI UDIA SONG

पैसा पास होता तो चार चने लाते, चार में से एक चना तोते को खिलाते...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी बच्चो से एक कविता सुन रहे हैं:
पैसा पास होता तो चार चने लाते-
चार में से एक चना तोते को खिलाते-
तोते को खिलाते तो वो टाँय-टाँय करता-
टाँय-टाँय करता तो बड़ा मजा आता-
पैसा पास होता तो चार चने लाते
चार में से एक चना घोड़े को खिलाते...

Posted on: Mar 17, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

दूसरो का बुरा करने से खुद को नुकसान हो सकता है...कहानी-

एक बार ब्रम्हा जी ने सभी को अपना-अपना घर बनाने का तरीका बताने को एक सभा बुलाया| चिडियों में केवल उढेला पक्षी सभा में शामिल हुआ| उसने घर बनाने के तरीका जाना| सभा समाप्त करते समय ब्रम्हा जी ने कहा जो नहीं आ पाये हैं| उन्हें आप लोग बता देना| सभी ने अपने समुदाय को घर बनाने का तरीका बताया| लेकिन उढेला पक्षी ने पक्षियों को गलत तरीके से घर बनाने का तरीका बताया| जिसके कारण सभी बारिस में भीगते रहे और उढेला पक्षी आराम से जीवन व्यतीत कर रहा था| उसी दौरान ब्रम्हा जी के मन में आया| चलकर देखा जाय| तो देखा कि केवल उढेला पक्षी का घर ठीक था| बाकि सभी का घर गलत तरीके से बना था| ये सब देखकर उन्होंने उसे श्राप दिया कि जिस तरह सभी भीग रहे हैं| उसी तरह बारिस के समय तेरा भी घर गिर जाएगा| इस कहानी से सीख मिलती है दूसरो का बुरा नहीं करना चाहिए, नहीं तो बाद में पछताना पड़ता है| कन्हैयालाल पड़ियारी@9981622548.

Posted on: Mar 16, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH STORY

ये दे जिंदगी के नई आय ठिकाना ठिकाना गा संगी...छत्तीसगढ़ी गीत-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
ये दे जिंदगी के नई आय ठिकाना ठिकाना गा संगी-
अनी बानी के रोग आगे-
मुश्किल होगे जीना गा संगी-
ये दे आनी बानी के रोग आगे-
खार-खार मा खोजे ला संगी, किसिम-किसिम के खाना...

Posted on: Mar 16, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG

रूप रंग भाखा के, ले नई आय चिन्हारी, कौवा भी काली-काली, कोयल भी काली...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
रूप रंग भाखा के, ले नई आय चिन्हारी-
कौवा भी काली-काली, कोयल भी काली-
कोयल के बोली हवे सबसे निराली-
कौवा के करकस बोली, मारत हवे ठिठोली...

Posted on: Mar 15, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

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