उंच पीड़ा उंच दरिया करे उंच टाट बाट...छत्तीसगढ़ी गीत-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ छत्तीसगढ़ से कन्हैयालाल पडियारी एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे है :
उंच पीड़ा उंच दरिया करे उंच टाट बाट-
ओकर ले लबरा नहीं है-
कोनो जोन दिखे मोरो डाट-
आये जाए कछु नहीं करे बड़े-बड़े गोट-
पढ़ेला बड़े नहीं माने-
मुंह जोरी करे बर होई टोय...

Posted on: Jul 02, 2020. Tags: CHHATTISGARHI SONG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH CG

भाटा केरा के वजा, आलू बरी मुनगा के झोर...छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे हैं:
भाटा केरा के वजा-
आलू बरी मुनगा के झोर-
बूढी दाई बुढा बाबा-
खोजथे मुनगा ला चिचोर-
दांत नई आय एकोठन-
मुनगा भाजी घलो कैसे खाहीं... (AR)

Posted on: Jun 16, 2020. Tags: CG CHHATTISGARHI KANHAIYALAL PADIYARI POEM

सबसे सुन्दर देश हमारा...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
सबसे सुन्दर देश हमारा-
उसके गोद में ऊँची ऊँची पहाड़ पर्वत-
इसकी पाँव पखारता प्रशांत हिन्द अरब सागर-
कल कल, कल कल नदिया बहती-
गंगा जमुना सरस्वती-
झरना कल कल नाद कर रही...

Posted on: Apr 20, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

लेके बरखा बहिनी ला बादर भईया आवाथे...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी शंभूनाथ शर्मा की एक कविता सुना रहे हैं:
लेके बरखा बहिनी ला बादर भईया आवाथे-
रही रही के गर्जत घुमरत-
बिजली ला चमकावाथे-
सनन सनन झोका झूल झूल-
सर ला कैसन झुकथे-
झिंगरा बाबा पीपी पीपी मोहरी ला फुकठे...

Posted on: Apr 19, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

आँखों से गया नींद, तारे रह गया गिन...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
न होस रहा न जोश रहा-
आँखों से गया नींद, तारे रह गया गिन-
भूख गया प्यास गया देख धन की पिसलाई-
आँखों के आगे झूल रहा था, बुढ़ापा की परछाई-
हर दम याद आता रहता बीते पलो की याद-
घुट घुट कर रह जाता करके दुश्मनो की याद...

Posted on: Apr 19, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

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