मुझे तेरे होली के रंग में रंग लो श्याम...होली गीत-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक भजन सुना रहे हैं:
मुझे तेरे होली के रंग में रंग लो श्याम-
मै तेरी प्रेम पुजारी-
न जानू मै भक्ति न कर सकूं, पूजा पाठ-
मै तो गृहस्थी घेर रखा है, मुझे माया जाल-
नित कमाता हूँ तो खाता हूँ-
ये माया की ही है, संसार...

Posted on: Mar 21, 2019. Tags: CG HOLI KANHAIYA LAL PADIHARI RAIGARH SONG

मान सम्मान पाने के लिए चरित्रवान, गुणवान, विद्यावान, दयावान होना आवश्यक है...

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडिहारी एक लेख सुना रहे है जिसका शीर्षक है भगवान और शैतान : धनवान या राजा महाराजा, मंत्री बन जाने से सम्मान नहीं बढ़ जाता | मान सम्मान पाने के लिए चरित्रवान, गुणवान, विद्यावान, दयावान होना आवश्यक है | धनवान या राजा-का वही पूजा करते है जो उनके संपर्क में रहते है जिन्हें उनसे कुछ पाने की अभिलाषा होती है या जो डरपोक होते है लेकिन चरित्रवान, गुणवान, विद्यावान, दयावान सभी जगह मान सम्मान पाते है और वह आदमी इन्सान कहलाता है और आगे चल कर भगवान भी कहलाता है जैसे ओशो रजनीश, संत कबीर दास, गुरु घासीदास, गुरुनानक।बाकी सब शैतान कहलाते है जैसे रावण और कंस |

Posted on: Sep 11, 2018. Tags: CG KANAHIYA LAL PADIHARI RAIGARH STORY

गोठ सुने बर परथे...छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडिहारी एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे हैं:
गोठ सुने बर परथे-
नइच करन नौकरी संगी-
हमन नइच करन नौकरी संगी-
नौकरी जैसी नीच कौनो नहीं है-
हमन नइच करन नौकरी संगी-
खेती करबो पाती करबो-
करबो छोट-मोट व्यापार-
पथरा फोडबो, माटी कोड्बो-
आनी बानी के है औ बुता काम-
नौकरी करके हमन नइच बनन काकोरो कुकुर...

Posted on: Aug 28, 2018. Tags: CG CHHATTISGARHI KANAHIYA LAL PADIHARI POEM RAIGARH

माया प्रीत के बंधना हवेगा बेटी के अंगना...छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी बेटियों पर एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे हैं:
माया प्रीत के बंधना हवेगा, बेटी के अंगना-
बेटी हवे घर के सुआ, उड़ जाही मया के बंधना-
दाई दादा के दुलारी छोड़ जाही, अपन महतारी-
सास ससुर घर घुसिया, ननद देवर परोसी ले हो ही चिन्हारी-
लाज महत ला छाड़ी हो ही, घर घुसिया के पुछारी-
भूल जाहि दाई दादा भाई, जम्मो के रही वों दुलारी...

Posted on: Apr 24, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIHARI

बेटी के गहना ये क्या कहना...बेटियों पर कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी बेटी का गहना शीर्षक से एक कविता सुना रहे है:
बेटी के गहना ये क्या कहना-
नाक म फूली नथनी-
आन म झलका गुना-
मुड म आवे गोरस के दहना-
बेटी के गहना के क्या कहना-
गोड म पैहरी पाँव म बिछिया...

Posted on: Apr 23, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIHARI

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