ये ऋतुएँ कितनी प्यारी, आहा कितनी न्यारी हैं...बाल कविता-

ग्राम-सिंगपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से कक्षा पांचवी का छात्र ओमकार एक बाल कविता सुना रहा है :
ये ऋतुएँ कितनी प्यारी, आहा कितनी न्यारी हैं-
वर्षा आती पानी लाती, धरती हरी भरी हो जाती-
खुश हो जाते सभी किसान, खेतो में लहराते धन-
पकते धान दिवाली आती, खूब सब्जियां ठण्ड खिलाती-
स्वेटर पहने तापे आग, गाँव-गाँव में होती फाग-
फिर आते गर्मी के दिन, मिले चैन न पानी बिन...

Posted on: Sep 18, 2018. Tags: CG KABIRDHAM OMKAR KUMAR MARKAM PANDARIYA POEM

छोटे-छोटे कदम हमारे आगे बढ़ते जाएंगे...बाल गीत-

ग्राम-सिंघपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से ओमकार कुमार मरकाम एक बाल कविता सुना रहे हैं :
छोटे-छोटे कदम हमारे आगे बढ़ते जाएंगे-
पढना कभी ना छोड़ेंगे हम, हर दिन पढने जायेंगे-
छोटे-छोटे हाँथ हमारे गड्ढे खूब बनायेंगे-
उन गड्ढो में सुन्दर-सुन्दर पौधे खूब लगाएंगे-
इन्हें बचाकर अब गाँव में अब हरियाली हम लाएंगे-
घर आंगन को साफ़ रखेंगे गलिया खूब बनाएंगे...

Posted on: May 18, 2018. Tags: OMKAR KUMAR MARKAM

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