बस हवा की एक हलके झोके की प्रतीक्षा है मुझे

हैरानी अब इस बात पर है कि तुम्हें सताने लगी हैं मेरी परेशानियां
काश यह घटना पहले घटी होती
तो मैं कभी परेशान ना होता
आज अब आलम यह है कि

मैं यह भी कह नहीं सकता कि तुम ना हो परेशान
मेरी परेशानियों से क्योंकि यह परेशानियां अब सिर्फ मेरी हैं

ii
काले बादलों के पीछे जो विशाल नीला आकाश है
वह मेरा है
जरा भी विचलित नहीं हूँ मैं इन काली घटाओं की भीड़ से
बस हवा की एक हलके झोके की प्रतीक्षा है मुझे

Posted on: Apr 08, 2011. Tags: Nityanand Gain

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