मंदिर-मंदिर सोने के मंदिर, मंदिर गढ़ाए सोना हो...सोहर रोटी बेलन गीत

ग्राम -कनार,पोस्ट -कोटा,थाना-पनवार,जिला-रीवा,(मध्यप्रदेश) से मनीषा जी
एक सोहर रोटी बेलन के ऊपर आधारित एक गीत सुना रही हैं :
मंदिर-मंदिर सोने के मंदिर, मंदिर गढ़ाए सोना हो-
सोनवा पहन के सीता दुर्गा काली-काली-
करे लागी ससुर से बाती हो-
उतना दहेज़ बाला गाये तू ससुर पापा हमार गरीब हो-
मंदिर मंदिर सोने के मंदिर...
कितना दहेज लागी तू पूछा,चाचा हमार गरीब हो – मंदिर मंदिर सोने के मंदिर मंदिर चढ़ाए सोना हो-
सोनवा पहन के सीता दुर्गा काली-काली-
करे लगी देवरा से बात हो-
कितना दहेज़ लगाये बाला लगाये हो देवरा-
भईया हमार गरीब हो...

Posted on: Apr 14, 2016. Tags: MANISHA REWA

मोरनी नाच रही मोर पड़ा सोता है...लोकगीत .

ग्राम-कुल्मजरा,पंचायत-कोनी, विकासखंड-जवा, जिला-रीवा, म.प्र. से निशा एक लोकगीत गा रही हैं :
आज गोकुल में कन्हैया का जनम होता है-
बंशी बाज रही राम भजन होता है-
लोग कहते हैं कि जंगल में मोर रहता है-
मोरनी नाच रही मोर पड़ा सोता है-
लोग कहते हैं कि जंगल में शेर रहता है-
शेरनी नाच रही शेर पड़ा सोता है-
लोग कहते हैं कि जंगल में नाग रहता है-
नागिन नाच रही नाग पड़ा सोता है-
बंशी बाज रही..

Posted on: Jun 15, 2015. Tags: Nisha Rewa

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