आओ बच्चों तुम्हे दिखाऐं शैतानी शैतान की...गीत

प्रखंड-चन्द्रपुरा, जिला-बोकारो (झारखण्ड) से नरेश महतो आज की परिस्थिति पर एक गीत सुना रहे है:
आओ बच्चो तुम्हे दिखाए शैतानी शैतान की-
नेताओ से बहुत दुखी है जनता हिन्दुस्तान की-
मेरा देश महान, सुन ले सारा जहान-
बड़े-बड़े नेता शामिल है घोटालो की थाली में-
सूटकेस भर के चलते है ये अपने यहाँ दलाली में-
देश धरम की नहीं हैं चिंता चिंता निज संतान की-
नेताओ से बहुत दुखी है जनता हिन्दुस्तान की...

Posted on: Mar 26, 2017. Tags: NARESH MAHTO

सब देश वासी मिल उतारे, इस वतन की आरती...देशभक्ति कविता

प्रखंड चन्द्रपुरा ग्राम पंचायत बनिया ग्राम फत्तेपुर (झारखण्ड) से नरेश महतो एक देशभक्ति कविता सुना रहे है :
सब देश वासी मिल उतारे, इस वतन की आरती-
फूले-फले यह देश मेरा, और हमारी भारती-
कोशिश करो यह जानने की, देश क्यों पिछड़ा हुआ-
दुनिया का जो सरताज था, वो आज क्यों गिरा हुआ-
व्याकुल व्यक्ति यह खोजते इस देश की हरियाली को-
सोचो हमारे देश को, और देश की खुश्हाली को-
जाति धर्म के नाम पर, इस देश के टुकड़े हुए-
सीधे सरल लोगों के, मलिन मुखड़े हुए...

Posted on: Oct 25, 2016. Tags: NARESH MAHTO

विचार करा हो सब भारत के जवनवा...जनवादी गीत

ग्राम-फतेहपुर, प्रखंड-चन्द्रपुरा, जिला-बोकारो (झारखण्ड) से नरेश महतो एक जनवादी गीत सुना रहे हैं:
विचार करा हो सब भारत के जवनवा-
सदियों से लूट लग पूंजीपती बेईमानवा-
सबके भरमावे ला गन्दा-गन्दा गनवा-
देश के बर्बाद कईले जालिम सैतनवा-
विचार करा हो सब भारत के...

Posted on: Sep 29, 2016. Tags: NARESH MAHTO

बेटी परदेशी भईल पड़ते सिंदुरवा...विदाई गीत

ग्राम-चन्द्रपुरा, जिला-बोकारो (झारखण्ड ) से नरेश महतो एक विदाई गीत सुना रहे हैं :
डोलिया उठाके काँधे,चालले कहरवा-
बेटी परदेशी भईल पड़ते सिंदुरवा-
गईया के समान बेटी घर में रखाए-
एक से खुले तो दूजे खुटवा बंधाये-
कोन ससुरारिया में आई खुशहाली-
कोन ससुरारिया में आई खुशहाली-
कोन नायिहरिया में आई खुशहाली-
अजीब निराला माया पड़ते सिंदुरवा-
बेटी परदेशी भईल पड़ते सिंदुरवा...

Posted on: Sep 23, 2016. Tags: NARESH MAHTO

जगा मजदूर भाई जगा हो किसनवा...जागरूकता गीत

जिला-बोकारो (झारखण्ड) से नरेश महतो एक जागरूकता गीत सुना रहे हैं:
जगा मजदूर भाई जगा हो किसनवा-
चला सीनवा के तान चाहे होजा कुर्बान-
भारत देशवा में, देशवा में-
जगा मजदूर भाई जगा...
शोषण जुल्म तुम कब सहोगे-
मजदूर और किसान हो-
भूखे नंगे कब तक मरोगे-
मेहनतकस इंसान हो-
तिरवा में बाँधीला हो हमनी कफ़नवा-
जगा मजदुर भाई जगा...

Posted on: Sep 04, 2016. Tags: NARESH MAHTO

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