बोम राजाल परमा मुदियाल उस्से मुदियाल अपुना मियाड...गोंडी कविता

जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से नेमालाल कुमरा गोंडी कविता सुना रहे है:
बोम राजाल परमा मुदियाल-
उस्से मुदियाल अपुना मियाड-
हलिह्ल डोकरी काकोन-
हारे मातुड हद दीया बाबल काकोन-
हसीद इतुड की वासद पुट्टी जोल-
वडीकी नूनी इंजोर-
हस्सी बितुर अव पिलानूं-
उहला वरोल भाइन रोह्तुड-
कोवा कोवा न पिलान...

Posted on: Jun 20, 2018. Tags: NEMALAL KUMRA GONDI

कोमरा भाइयों को जोल कोमरा क्यों कहते हैं... गोंडी कहानी

उतर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से नेमा लाल कोमरा गोंडी में बता रहे हैं कोमरा भाइयों को जोल कोमरा क्यों कहते हैं ? देव परमाहमुदिया बाबा जिसे धरती का राजा भी कहा जाता हैं, अपने सुपुत्री हलियाल कुवारी को दमांद उसेह्मुदिया को शादी उपरांत आशीर्वाद स्वरूप जो शब्द बोले कि घर के हर पाटी में झुलना झूले यह आशीष दिये और वास्तव में वही सत्य हुआ ,बच्चे हर पाटी में झुलना लगाने की जरूरत पड़ गई जिन्हें संभालना मुश्किल हो रहा था,झुलना झूलाने वाले लोग भी परेशान होकर रुलाने का काम करते थे,ये सब देखते हुए उसेह्मुदिया की पत्नी हलियाल डोकरी ने सोची और अपने पिताजी के पास चली गई और अपनी समस्या बताई तो परमाह देव ने कोवा पुत्र को अपने दीदी के साथ जाने के लिए कहा तो सम्मान भेजा गया और चले गये, जाने के बाद हलियाल डोकरी ने अपने भाई का नाम बदल दी. कोवा से कोमरा हर जगह बताई. भाई ने अपने दीदी के बाल -बच्चे की सेवा में सवैद तत्पर रहे कोमरा का काम केवल दीदी के बच्चो का झुलना झुलाना किस तो ज़माने से करते आये इसी झूला झुलाने का काम के अनुसार कोमरा भाईयों को गोंडी भाषा में जोल कोमरा के नाम से जाना जाता हैं

Posted on: May 13, 2018. Tags: NEMALAL KUMRA GONDI

तेदट तो भूमकाल उंदी बेरा तेदट तो...गोंडी जागरूकता गीत

जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से नेमालाल कुमरा एक गोंडी जागरूकता गीत सुना रहे है:
तेदट तो भूमकाल उंदी बेरा तेदट तो-
तेदट तो, तेदट तो गोंडवाना तोर तेदट तो-
तेद सो मत्तोर गुण्डातोर-
लड़े मतोंड गोंडवाना ता काजे-
लड़े मतोंड भूमकाल ता काजे-
तेदट तो भूमकाल उंदी बेरा तेदट तो...

Posted on: May 11, 2018. Tags: NEMALAL KUMRA GONDI

केन्जा दादा, केन्जा दादा गोंडवाना सगा...गोंडी कविता

जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से नेमालाल कुमरा एक गोंडी कविता सुना रहे है:
केन्जा दादा, केन्जा दादा गोंडवाना सगा-
आर्य समाज इगा वाता माट दाकोम बेगा-
गोंडवाना ता पल्लो दादा-
गोंडवाना तोड़ कुन आणता-
बचोय पढ़ी किती गल्ला-
वोड कुन ही आणता-
केन्जा दादा, केन्जा दादा गोंडवाना सगा...

Posted on: Apr 16, 2018. Tags: NEMALAL KUMRA GONDI

मावा बुढाल पेन माने माई तेन...गोंडी कविता

जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से नेमालाल कुमरा एक गोंडी कविता सुना रहे है:
मावा बुढाल पेन माने माई तेन-
सत मनता हेन ताहता माने मातोंड तेन-
नाटा बाहे राउर मनता अग्गा ताना डेरा-
अणि भारी साजू सिगरा मनता मल जली न घेरा-
गुडरा पर्रो रारुर मनता आंगा मनता मडा ता-
अणि भारी नेंग नियम मनता मावा पेनकड़ा ता...

Posted on: Apr 15, 2018. Tags: NEMALAL KUMRA GONDI

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