उल्लू आया उल्लू आया,एक गुन का गोला लाया...कविता-

ग्राम नवलपुर, पोस्ट-कोतरी, जिला-मुगेली छत्तीसगढ़ से नेहा बुनकर के साथ संजना नेताम है, जो एक कविता सुना रही है:
उल्लू आया उल्लू आया,एक गुन का गोला लाया-
चरखा बोला चूं चूं, खरगोश बोला कुह कुह-
देखो रंग से भरी दवाद,है किसान भाई हल के साथ...

Posted on: Jul 10, 2020. Tags: MUNGELI CG NEHA BUNKAR POEM SANJNA NETAM

मुस्कुराके बोला वो, मुझसे डरो न...कोरोना कविता-

ग्राम-नवलपुर, पोस्ट-कोरतरी, ब्लाक-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से नेहा बुनकर कोरोना पर एक कविता सुना रही हैं:
कल रात सपने में आया कोरोना-
उसे देख जो मै डरती-
मुस्कुराके बोला वो, मुझसे डरो न-
उसने कहा कितनी प्यारी है तुम्हारी संस्कृति-
न चुमते न गले लगाते-
दोनों हांथ जोड़कर वो स्वागत करते...(AR)

Posted on: Jul 09, 2020. Tags: CG MUNGELI NEHA BUNKAR POEM

गमला फूलो वाला ला...कविता-

ग्राम-नवलपुर, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से जया बुनकर एक कविता सुनवा रही हैं:
गमला फूलो वाला ला-
अपना घर आंगन महकाओ-
घर से पानी लेकर आओ-
पौधे की तुम प्यास बुझाव-
मछली देखो आओ आओ-
रस्सी कूदो नाचो गाओ... (AR)

Posted on: Jul 06, 2020. Tags: CG MUNGELI NEHA BUNKAR POEM

कहां मिलता है चैन पत्थर के इन मकानों में...कविता-

नवलपुर, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से नेहा बुनकर एक कविता सुना रही हैं, जिसका शीर्षक है : ज़िंदगी के मैदानों में :
कहां मिलता है चैन पत्थर के इन मकानों में-
बहुत कोशिश करते हैं जो खुद का वजूद बनाने की-
हो जाते हैं अपनों से दूर नजर आते हैं बेगानों में-
हस्ती नहीं रहती दुनिया में एक लंबे दौर तक-
आंखिर में जगह मिलती है कहीं दूर श्मसानों में-
कहां मिलता है चैन पत्थर के इन मकानों में... (AR)

Posted on: Jun 27, 2020. Tags: CG MUNGELI NEHA BUNKAR POEM

मिलकर कोरोना को हराना है...कोरोना पर कविता-

ग्राम-नवलपुर, ब्लाक-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से नेहा बुनकर एक कविता सुना रही हैं:
मिलकर कोरोना को हराना है-
घर हमें कहीं नहीं जाना हैं-
हाँथ किसी से नहीं मिलाना है-
चहरे से हाथ नहीं लगाना है-
बार बार हाथ अच्छे से धोने जाना है-
सेनेटाईज करके देश को स्वच्छ बनाना है...(AR)

Posted on: Jun 25, 2020. Tags: CORONA POEM MUNGELI CG NEHA BUNKAR

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