गन्ना गांव के किसानो का व्यवसाय और जीविका का साधन है

ग्राम-बरबसपुर, प्रखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से नसीर अंसारी किसान हैं, गन्ने की खेती करते हैं, वे बता रहे हैं कि गन्ने की खेती करने के लिए पहले खेत की जुताई की जाती है, उसके बाद मेढ बनाते हैं, मेढ बनाकर गन्ने के छोटे टुकड़े कर लगाते हैं, फसल तैयार होने तक फसल में 3 से 4 बार पानी छोड़ा जाता है, और जब फसल तैयार हो जाता है, तो उसे काट कर उद्योग में बेचते हैं, वर्तामान में 320 रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से गन्ने का दाम मिलता है, एक एक्कड़ भूमि में गन्ने की खेती करने से 20 से 25 हजार तक का लाभ मिल जाता है, फसल को पूरी तरह से तैयार होने 10 महीने समय लगता है, वहां के किसानो के लिए ये रोजगार का एक अच्छा साधन है, एक बार गन्ने की खेती करने पर 3 साल तक गान्ने की फसल लगाने की जरुरत नही पड़ती, पुराने जड़ से गन्ना उग जाता है, पानी देने और देख-रेख करने की जरुरत पड़ती है| नसीर अंसारी@9430313721.

Posted on: Oct 07, 2018. Tags: ) AGRICULTURE ANSARI CG NASUR SURAJPUR

Recording a report on CGNet Swara

Search Reports »

Loading

Supported By »


Environics Trust
Gates Foundation
Hivos
International Center for Journalists
IPS Media Foundation
MacArthur Foundation
Sitara
UN Democracy Fund


Android App »


Click to Download