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सभी घरों में शौचालयों का निर्माण करवाया, लेकिन आदिवासी शौचालयों का उपयोग नहीं कर् रहे...

ग्राम-पिंडकसा, पंचायत-कुरेनार, विकासखंड-कोयलीबेडा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से मोहन यादव के साथ में गाँव की महिला सरपंच वालोबाई करगामी गोंडी में बता रही है कि उन्होंने स्वच्छता अभियान के अंतर्गत उनके गाँव में शत प्रतिशत सभी घरो में शौचालयों का निर्माण कराया है | लेकिन गाँव के लोग शौचालयों का उपयोग नहीं कर रहे है और वे लोग बाहर जंगल पहाड़ो में ही शौच करने जाते है| शौचालयों में सूअर को बांधते है| बोलने पर कहते है कि हम लोगो को शौचालयों में जाने की आदत नहीं है | गाँव के कुछ ही लोग उपयोग करते है | उनके गाँव में बंगाली लोग भी है वे सब लोग शौचालयों का उपयोग करते है | लेकिन आदिवासी शौचालयों का उपयोग नहीं कर रहे है |

Posted on: Sep 08, 2018. Tags: CG GONDI KANKER KOELIBEDA MOHAN YADAV TOILET

हे येलो झेलो कनकी नूका झाजी रो हे येलो झेलो...गोटुल गोंडी नृत्य गीत

ग्राम-मेकावाही, पंचायत-शंकरनगर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मोहन यादव के साथ आदिवासी युवक युवतियां गोटुल में नृत्य करती हुए एक गोंडी गीत सुना रहे है:
रे रेलों येलो झेलो कनकी नूका-
झाजी रो हे येलो झेलो-
जावा लहकी किम रोय हे येलो झेलो-
निमा बेके दाकिरा ये दादा झेला-
हिप्या पिटे जोड़ी रो ये येलो झेलो-
जोड़ी पड़की दाका रो हे येलो झेलो-
नना वेने वायका ये दादा झेला...

Posted on: Sep 07, 2018. Tags: CG GONDI GOTUL KANKER MOHAN YADAV SONG

जितना मिले उतने में ही संतुष्ट होना चाहिए, लालच नहीं करना चाहिए...एक भूखे कुत्ते की कहानी...

ग्राम-आलमपुर, तहसील-चिचोली, जिला-बैतूल (मध्यप्रदेश) से मोहन यादव एक कहानी सुना रहे हैं: एक कुत्ता भोजन की तलाश में किसी गाँव में गया उसे सूने मकान में आधी रोटी मिल गई वह उसे लेकर आगे बढ़ रहा था, रास्ते में उसे एक नदी मिली जिसे वो पार कर रहा था जैसे ही वो बीच नदी में गया उसको पानी में अपने परछाई के रूप में एक प्रतिद्वंदी दिखाई दिया उसके मुहं में भी एक रोटी थी, फिर कुत्ते के मन में लालच आया और उसने सोचा कि आधी रोटी इसके पास है आधी मेरे पास है, सबको मिला के आराम से खाउंगा इसलिए मै इस पे हमला करता हूँ, जैसे ही कुत्ते ने हमला किया रोटी मुहं से नदी में गिर गई| यानि व्यक्ति को जितना मिले उतने में ही संतुष्ट होना चाहिए, आगे जो उसका नही है उसमे लालच नही करना चाहिए...

Posted on: Sep 06, 2018. Tags: BETUL CHICHOLI MOHAN YADAV MP STORY

गोटुल में मिलकर हम समस्या निपटाते थे, पारम्परिक नेताओं की मदद से उसको पुनर्जीवित करना है...

ग्राम पचायत-पाड़ेंगा, ब्लॉक-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मोहन यादव के साथ रैनुराम सलाम गोटुल के बारे में बता रहे है: पहले गोटुल की प्रथा थी पूरे गावं के लोगों के लिए एक मंच था गावं में जो भी समस्या होती थी वहां गाँव के सभी लोग उस गोटुल में बैठ कर समस्या का समधान करते थे | लेकिन आज पहले जैसे गोटुल नहीं रहे, गोटुल का पहले जैसा संस्कृति रीति रिवाज की जो प्रथा थी वो धीरे-धीरे लुप्त होते जा रही है आज हमे लगता है हम पढ़े लिखे हो गये हैं. जरूरत है कि हम अपनी मूल संस्कृति को गोटुल में बैठ कर चर्चा करे, जिससे हमारी भाषा संस्कृति की सुरक्षा बनी रहे | इसलिए अभी गाँव के पारम्परिक नेता जैसे पटेल, गुनिया, मांझी ये सभी मिल कर अभी गोटुल प्रथा को बचाने का प्रयास कर रहे हैं...

Posted on: Sep 01, 2018. Tags: CG GOTUL KANKER KOELIBEDA MOHAN YADAV

हमारे गाँव का नाम ताडवैली कैसे पड़ा: एक गाँव की कहानी ( गोंडी भाषा में )

सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम पंचायत-ताडवैली, ब्लॉक-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां मोहन यादव की मुलाक़ात गाँव के बुज़ुर्ग कन्ना राम वड्डे से हुई है जो उन्हें गोंडी भाषा में उनके ताडवैली गाँव के नाम की कहानी बता रहे हैं कि उनके गाँव का यह नाम कैसे पड़ा: वे बता रहे हैं ये गाँव राजा समय का गाव है परालकोट परगना में एक राजा रहते थे- राजा की मदद से यहाँ पर बड़ा सा तालाब बना जिसे गोंडी में तड़ाई
कहते हैं फिर उसके बाद इसलिए इस गाँव का नाम ताडवैली पड़ा- इसी प्रकार यहां के पेड़ पौधो- व्यक्ति या जानवर आदि पर गाँवों के नाम रखे गए हैं जिनके बारे में गाँव के बुज़ुर्ग ही जानते हैं

Posted on: Sep 01, 2018. Tags: CG GONDI KANKER KOELIBEDA MOHAN YADAV STORY

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