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भगवान राम सबरी नदी के तट पर आराम किये थे इसलिए हमारे गाँव का नाम रामराम पड़ा...कहानी-

ग्राम पंचायत-रामाराम, ब्लाक और जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से दयाराम निषाद सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा के मोहन यादव को उनके गाँव रामाराम के नाम की कहानी बता रहे हैं, वे बता रहे हैं कि जब भगवान श्री राम को वनवास हुआ था, उस समय वे दंडक वन से निकल रहे थे, तब वे सबरी नदी के तट पर सबरी माता के पास पहुंचे, सबरी माता ने सोचा मै इन्हें क्या खिलाऊं और कुछ ना मिलने पर बैर तोड़कर राम जी को खिलाया, जिसे राम जी ने खाया और थोडा आराम किया, इस कारण से उस गाँव का नाम रामराम पड़ा, सबरी चाहती थी कि राम को मीठे बेर ही खिलाएं इसलिए उन्होंने पहले उस बेर को चखा और झूठे बेर ही उनको खिलाए थे | मोहन यादव@9425648073.

Posted on: Sep 30, 2018. Tags: CG MOHAN YADAV STORY SUKMA

तिना नामोर नाना लेयोर...गोंडी हुलकी गीत

ग्राम-तोड़हूर, पंचायत-हनुमान, ब्लॉक-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सुरेश कतलामी एक गोंडी हुलकी गीत सुना रहे है:
तिना नामोर नाना लेयोर-
तिना नामोर नाना लेयोर रा लेयोर-
ऐरा पोर ओरा पोर पूगार-
तेना लेओर नाना रा लेयोर-
तिना नामुर नाना लेयोर रा लेयोर-
ऐरा पोर ओरा पोर पूगार-
तिना नामोर नाना लेयोरिट-
अदे बोदे गुडरा रा लेयोर...

Posted on: Sep 24, 2018. Tags: CG GONDI HULKI KANKER KOELIBEDA MOHAN YADAV SONG

सडकाहारी खेते बीड़ा रोपे गयले रे पानी बिसायते भीता...हल्बी किसान कर्मा गीत-

आश्रित ग्राम-तोड़हुर, पंचायत-हलमानपुर, ब्लाक-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से दसराम एक्का, गुलाब तिर्की, जहरसाय बेग हल्बी भाषा में एक कर्मा गीत सुना रहे है, जिसमे खेती में रोपा लगाते समय पानी के अंदर बिच्छू काट देने की बात को बता रहे हैं :
सडकाहारी खेते बीड़ा रोपे गयले रे पानी बिसायते भीता-
आ गए रे बली बिचारेते फींदा देगें-
हे दगी भगा दें तडकारी के ते बीरा रोप दे दें रे-
पानी भीता रे ते सींदा गए रे पानी भिंदा-
चली दादा रे या मन को पुकाना को कयो रे...

Posted on: Sep 22, 2018. Tags: CG HALBI KANKER KARMA KOELIBEDA MOHAN YADAV SONG

हमे भाषा सीखने के लिए कोई स्कूल की जरुरत नहीं होती, आपस में मित्रता बनाकर सीख सकते हैं...

ग्राम-ओरछा, पंचायत-इरपानार, ब्लॉक-कोयलीबेडा, जिला-उतर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मोहन यादव के साथ गाँव के साथी प्रभु पद्दा जुड़े है, वे भाषाओ पर आपस में चर्चा कर रहे हैं प्रभु पद्दा गोंडी में बता रहे हैं कि चार भाषा जानते हैं प्रभु पद्दा किसी बंगला स्कूल में नहीं पढ़े हैं, गोरमेन्ट स्कूल में बंगाली के बच्चे आते थे|उन लोगों के साथ मित्रता बनाकर बंगाली भाषा सीखा हैं,और प्रभु पद्दा एक ही व्यक्ति था माडिया जाति से बाकि पूरे गोरमेन्ट स्कूल में बंगाली और छत्तीसगढ़िया लोग पढ़ते थे |प्रभु पद्दा ने वहीँ से बंगाली भाषा, छत्तीसगढ़िया भाषा, हिंदी भाषा सीखा हैं | तब से वे चार भाषा जानते हैं,इस प्रकार हमे भाषा सीखने के लिए किसी स्कूल की जरुरत नहीं होती है, आपस में मित्रता बनाने से भी सीख सकते है|

Posted on: Sep 19, 2018. Tags: CG GONDI KANKER KOELIBEDA MOHAN YADAV

मुझे गोंडी के अलावा कोई दूसरी भाषा नहीं आती है, मेरे जैसी यहां ऐसी बहुत सारी लड़किया हैं...

ग्राम-पड़ेंगा, ब्लॉक-कोयलीबेड़ा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा के मोहन यादव के साथ मानको आचला गोंडी में बता रही है कि वे पढ़ी लिखी नहीं है घर में काम करने के कारण पढाई नहीं की| उनके दो भाई और दो बहन है | उसको गोंडी भाषा के अलावा कोई दूसरी भाषा नहीं आती है | गाँव से बाहर नहीं गई इसलिए सीख नहीं पायी| ऐसी बहुत सी युवतियां है | जिनको गोंडी के अलावा दूसरी भाषा नहीं आती है|

Posted on: Sep 16, 2018. Tags: CG GONDI KANKER KOELIBEDA MOHAN YADAV

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