माँ की गोंद पिता का आश्रय, मेरा मध्यप्रदेश है...राज्य गीत

ग्राम-छतरपुर, तहसील-घुघरी, जिला-मंडला, मध्यप्रदेश से मोहन मरावी राज्य के स्थापना दिवस के अवसर पर एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
सुख का दाता सबका साथी शुभ का यह सन्देश है-
माँ की गोंद पिता का आश्रय मेरा मध्य प्रदेश है-
विन्ध्याचल सा भाल नर्मदा जल इसके पास है-
यहाँ ज्ञान-विज्ञान-कला का लिखा गया इतिहास है-
उर्वर भूमि सगुन रिक्त संपदा जहां अशेष है-
सुर-सौरभ सुष्मान से मंडित मेरा मध्य प्रदेश है-
सुख का दाता सबका साथी शुभ का यह सन्देश है-
माँ की गोंद पिता का आश्रय मेरा मध्य प्रदेश है...

Posted on: Jul 15, 2018. Tags: MOHAN MARAVI

है प्रीत जहाँ की रीत सदा, मैं गीत वहाँ के गाता हूँ...देशभक्ति गीत

ग्राम -छतरपुर, विकासखंड-घुघरी, जिला-मंडला (मध्यप्रदेश) से मोहन मरावी एक देशभक्ति सुना रहे है:
है प्रीत जहाँ की रीत सदा-
मैं गीत वहाँ के गाता हूँ-
भारत का रहने वाला हूँ-
भारत की बात सुनाता हूँ-
काले-गोरे का भेद नहीं-
हर दिल से हमारा नाता है-
कुछ और न आता हो हमको-
हमें प्यार निभाना आता है-
जिसे मान चुकी सारी दुनिया-
मैं बात वोही दोहराता हूँ-
भारत का रहने वाला हूँ-
भारत की बात सुनाता हूँ-
जीते हो किसीने देश तो क्या-
हमने तो दिलों को जीता है-
जहाँ राम अभी तक है नर में-
नारी में अभी तक सीता है-
इतने पावन हैं लोग जहाँ-
मैं नित-नित शीश झुकाता हूँ-
भारत का रहने वाला हूँ-
भारत की बात सुनाता हूँ...

Posted on: Feb 18, 2018. Tags: MOHAN MARAVI

अपने बच्चे कितने अच्छे इनका मान रखेंगे हम...प्रेरणा गीत-

ग्राम-छतरपुर, पोस्ट-गजराज, विकासखंड-घोघरी, जिला-मंडला (मध्यप्रदेश) से मोहन मरावी एक प्रेरणा गीत सुना रहे हैं :
अपने बच्चे कितने अच्छे इनका मान रखेंगे हम – बच्चो की मुस्कानों से अब हिंदुस्तान रचेंगे हम – खेतो की हरियाली बच्चे घर-घर की खुशाली हैं – ये पंछी से उड़ते जाते ये बगिया फुलवारी है – प्यार की भषा इन्हें सिखाएं इनसे प्यार करेंगे हम – सूरज चाँद सितारों से हम इन्हें दोस्ती सिखलाएँ...

Posted on: Dec 23, 2017. Tags: MOHAN MARAVI

सूरज की रोशनी से लोग परेशान...गर्मी के ऊपर कविता -

ग्राम-छतरपुर, विकासखण्ड-घुगरी, जिला-मंडला, (मध्यप्रदेश) से मोहन मरावी गर्मी के ऊपर एक कविता सुना रहे है :
सूरज की रोशनी से लोग परेशान...
टीम की टहनियों पर, मचल उठा गौर-
आया है उमस भरा गर्मी का दौर-
सूरज अब जल्दी ही, जाता है अब जाग-
दिनभर बरसता है, धरती पर आग-
हवा नही रख पाती, गर्मी पर गौर-
आया है उमस भरा, गर्मी का दौर...

Posted on: May 23, 2017. Tags: MOHAN MARAVI

वर्षा जल को रोकिये, हर बूँद का हो काम...पानी पर कविता-

ग्राम-छतरपुर, विकासखण्ड-घुगरी, जिला-मंडला (मध्यप्रदेश) से मोहन मरावी सूखे और पानी के उपयोग पर एक कविता सुना रहे हैं :
पानी मत धोव पानी है अनमोल ,नहीं चुका सकते हम पानी का मोल-
धरती पे पानी नहीं बढ़ रहा है पाप ,खुदिर पड़ता जा रहा किसी का संसार – वर्षा जल को रोकिये,हर बूद का हो काम – चीपर में पोखर बने गाव-गाव में तालाब – पानी का हम मोल समझे ,पानी सबकी जान – कुढ़ देह थक जायेंगे जब संकट होगी ज्ञान – सुखती धरती मागे पानी ,पानी मागे पेड़-
बहता पानी रोकिये ,बने खेती के मेड...

Posted on: Apr 04, 2017. Tags: MOHAN MARAVI

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