पानी गुड़ में डालिये बीत जाये जब रात...कविता

ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से मंदाकनी मिश्रा स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी के साथ एक कविता सुना रही हैं :
पानी गुड़ में डालिये बीत जाये जब रात-
सुबह छान कर पीजिये अच्छी हो हालात-
धनिया की पत्ती मसल बूंद नैन में डाल-
दुःख की आंखिया ठीक हो, पल लगे दो चार-
प्रात:काल पिए घुट-घुट कर आप,
बस दो-तीन गिलास हर औषधीय का बाप...

Posted on: Sep 27, 2018. Tags: ANUPPUR MANDAKANI MISHRA MP POEM

जय गणपति शुभकारी मैं शरण तुम्हारी, लाज मेरी रख लेना...भजन-

ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से मंदाकनी मिश्रा एक गणपति भजन गीत सुना रही हैं :
जय गणपति शुभकारी मैं शरण तुम्हारी, लाज मेरी रख लेना-
माथे स्वामी तेरे चंदन सोहे, कानो में कुंडल धारी-
लंबे-लंबे स्वामी तेरे सूंड तुम्हारे, पेट है बड़ा भारी-
लड्डून के स्वामी भोग लगत हैं, मुसबन करत सवारी-
शिव शंकर हैं पिता जी तुम्हारे, पार्वती महतारी लाज मेरी रख लेना...

Posted on: Sep 24, 2018. Tags: ANUPPUR BHAJAN MANDAKANI MISHRA MP SONG

गौवरी के लाला ओ लंबे सूड वाला, गजा हो नदंना मै करू वंदना...भजन-

ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से मंदाकनी मिश्रा एक गणेश भजन सुना रही हैं :
गौवरी के लाला ओ लंबे सूड वाला, गजा हो नदंना मै करू वंदना-
पान चढ़े फुल और चढ़े मेवा, लड्डून के भोग लगे संत करे सेवा-
एक दंत दया वंत चार भुजा धारी, तुलसी भोग लगे मूस की सवारी-
गज हो नंदना, मै करूं वंदना-
अंधन को आँख देत कोढ़िन को काया,
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया...

Posted on: Sep 22, 2018. Tags: ANUPPUR BHAJAN MANDAKANI MISHRA MP RELIGION SONG

मेरे परमेश्वर तू ही, कैसे जपूं नाम तेरा...भजन-

ग्राम-छुल्कारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से मंदाकनी मिश्रा एक भजन सुना रही हैं :
मेरे परमेश्वर तू ही, कैसे जपूं नाम तेरा-
काहे की धरती, काहे की अम्बर, काहेन के संसार-
दया की धरती, धरम का अम्बर, स्वार्थ का संसार-
काहे की नईया, कौन है खेवईया-
कैसे के लागब पार, कैसे जपूं नाम तेरा-
काठे की नईया प्रभु हैं खेवईया-
धरम से लगाब पार कईसे जपो नाम तेरा...

Posted on: Sep 21, 2018. Tags: ANUPPUR BHAJAN MANDAKNI MISHRA MP RELIGION SONG

इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले...भजन गीत

ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से मंदाकनी मिश्रा एक भजन गीत सुना रही है:
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले – गोविन्द नाम ले कर मेरे प्राण तन से निकली-
श्री गंगा जी का तट हो यमुना का बंशी बट हो-
निरा साव लानी कट हो जब प्राण तन से निकली-
श्री बन्दा बन का थल हो मेरे मुख के तुलसी दल हो-
दिस नौ चरण का जल हो जब प्राण तन से निकली....

Posted on: Aug 04, 2018. Tags: ANUPPUR HINDI SONG MANDAKINI MISHRA

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