देवी गीत : हो जाओ दीनदयाल महामाई अब की बेर...

ग्राम-छुलकारी,पोस्ट फुनगा, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश ) से मंदाकनी मिश्रा एक देवी गीत सुना रही हैं:
हो जाओ दीनदयाल महामाई अब की बेर-
हो जाओ मेरी सहाय महामाई अब की बेर-
अब की बेर ओ मेरी माता सिंदूरा लेके आना-
अब की बेर ओ मेरी माता बिंदिया लेके आना-
लाना-लाना रे सिंदूरबा लाल महामाई अब की बेर-
अब की बेर ओ मेरी माता साड़ी लेके आना-
लाना-लाना रे चूनर लाल महामाई अब की बेर-
हो जाओ दीनदयाल महामाई अब की बेर...

Posted on: Nov 07, 2019. Tags: ANUPPUR MP MANDAKNI MISHRA SONG

आये मेहमान बड़े प्यारे लगत हैं...गारी गीत-

ग्राम-छुलकारी, पोस्ट-फुनगा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से मंदाकनी मिश्रा एक गारी गीत सुना रही हैं :
आये मेहमान बड़े प्यारे लगत हैं-
काहे की सब्जी बनाऊ मोरे लाल-
लौकी बनाऊ मेरी डौकी लगत है-
आलू बनाऊ मेरी सालू लगत है-
भाजी बनाऊ मेरी आजी लगत है-
कटहल बनाऊ बड़ी अटहल लगत है-
आये मेहमान बड़े प्यारे लगत हैं...

Posted on: Nov 05, 2019. Tags: ANUPPUR MANDAKNI MISHRA MP SONG

मेरे परमेश्वर तू ही, कैसे जपूं नाम तेरा...भजन-

ग्राम-छुल्कारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से मंदाकनी मिश्रा एक भजन सुना रही हैं :
मेरे परमेश्वर तू ही, कैसे जपूं नाम तेरा-
काहे की धरती, काहे की अम्बर, काहेन के संसार-
दया की धरती, धरम का अम्बर, स्वार्थ का संसार-
काहे की नईया, कौन है खेवईया-
कैसे के लागब पार, कैसे जपूं नाम तेरा-
काठे की नईया प्रभु हैं खेवईया-
धरम से लगाब पार कईसे जपो नाम तेरा...

Posted on: Sep 21, 2018. Tags: ANUPPUR BHAJAN MANDAKNI MISHRA MP RELIGION SONG

महादेव कहे सुन पार्वती भंगिया मत देना गवारन को...भजन-

ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से मंदाकनी मिश्रा एक भजन सुना रही हैं :
महादेव कहे सुन पार्वती भंगिया मत देना गवारन को-
श्री राम की नगरी अयोध्या है, श्री कृष्ण की नगरी गोकुल-
महदेव के नगरी कैलाशपुरी भंगिया मत देना गवारन को-
महादेव कहे सुन पार्वती भंगिया मत देना गवारन को-
श्रीराम के पत्नी सीता है, श्री कृष्ण के पत्नी राधा है-
महादेव की पत्नी पार्वती भंगिया मत देना गवारन को-
श्री राम का भोजन वन फल है, श्री कृष्ण की भोजन माखन है...

Posted on: Jul 30, 2018. Tags: MANDAKNI MISHRA

हरे रामा पिया गये परदेश, ना आये पाती रे हरे...कजली विरह गीत-

ग्राम-छुलकारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से मंदाकनी मिश्रा एक कजली गीत सुना रही हैं :
हरे रामा पिया गये परदेश, ना आये पाती रे हरे-
मोहे समझावें, समझावें ससुराल-
के बहु मोरो धरो ह्रदय में धीर ललन घर आएंगे हरे-
जेठा मोरी मोही समझावें, समझावें जेठी-
कि बहू मोरो धरो ह्रदय में धीर भईया घर आएंगे हरे-
ननदी मोरे मोही समझावें, समझावे ननादोई...

Posted on: Jul 27, 2018. Tags: MANDAKNI MISHRA

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