इंकलाब का परचम खोल आज बना ले अपना गोल...किसानी गीत

ग्राम-रीवाणी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से लालजी वैद्य एक किसानी गीत सुना रहे हैं :
इंकलाब का परचम खोल, आज बना ले अपना गोल-
अपनों ने ले तेरी जान, तू अपनी ताकत पहचान-
जय-जवान और जय-किसान यह नारा मिलकर बोल-
मत सह चुप रह कर अन्याय, समझना अपने को निर उपाय-
तोड़ दे बेबस की जंजीर, तू ही है देश की है तकदीर-
अपना खून पसीना तौल, मेहनत का ले पूरा मोल-
अनुदानों का लेकर नाम, घूसखोरों ने लूटा सरेआम...

Posted on: Apr 03, 2018. Tags: LALJI VAIDYA

जग गई नारियां सावधान, चल पड़ है क्रांति का विधान...महिला सशक्तीकरण गीत

ग्राम-रिवारी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से लालजी वैद्य महिला सशक्तीकरण को लेकर एक गीत सुना रहे हैं :
जग गई नारियां सावधान, चल पड़ है क्रांति का विधान-
मुक्ति हमें दिलाए, समाज को कुरुतियों से-
बोलिया नही होंगी, अबे हमारे लाल की-
होलिया नही जलेगी, अबे पराये माल की-
दहेज़ के भिकारियों सावधान, फ़ासी से से अबे बहु टले न खाउंगी-
लाड़ली बहु तो, अबे जलाई ना जायेगी-
अबे बहु है बेटिया सावधान, धाव तंत्र राज तंत्र को दिशा दिखाएगी...

Posted on: Apr 01, 2018. Tags: LALJI VAIDYA

इन्कलाब का परचम खोल...किसानो पर कविता

ग्राम-इटावा, जिला-सीधी (म.प्र.) से लालजी वैद्य किसानो पर आधारित एक कविता सुना रहे है:
इन्कलाब का परचम खोल-
आज बना ले अपना गोल-
अपनों ने ली तेरी जान-
तू अपनी ताकत पहचान-
जय जवान और जय किसान-
यह नारा मिलकर बोल-
मत सह चुप रहकर अन्याय-
समझना अपने को निर उपाय-
तोड़ ये बेबस की जंजीर-
तू ही देश की है तक़दीर-
अपना खून पसीना तौल-
मेहनत का ले पूरा मोल...

Posted on: Jan 29, 2018. Tags: LALJI VAIDYA

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