जय सेवा, जय परसा पेन, काली कंकाली बईये, अउ वले ने...गोंडी गीत-

उटनूर जिला-आदिलाबाद तेलंगाना राज्य से आतराम कृष्णमूर्ति एक गोंडी गीत सुना रहे हैं :
जय सेवा, जय परसा पेन-
काली कंकाली बईये, अउ वले ने-
जय बर्थले मावानी के बंदनम, कुमरं भीमो मावानी के बंदनम-
कोटी-कोटी तल ईद धरती पे-
केंजा मा वी वंदना, वंदना, वंदना मावानिके वंदनम-
वंदनम कुमरं भीमो मावानी के बंदनम-
जन मावाती होड़े ने भा तूने, कीती आवाज भी वो सारा देश में...

Posted on: Aug 02, 2018. Tags: ATRAM KRISHNAMURTI

रामपुर किना-किना रे हायरे गेंदा बाहा बगीचा...सादरी गीत

ग्राम पंचायत-रामपुर, तहसील-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखंड) से कृष्णा खलखो एक सादरी गीत सुना रही है:
रामपुर किना-किना रे हायरे गेंदा बाहा बगीचा-
गोटा रामपुर उठा बाय जागा बाय-
चैनपुर किना-किना रे हरियर गेंदा बाहा बगीचा-
गोटा रामपुर उठा बाय जागा बाय-
गोटा दिसम उठुम ताम सोहम तान-
रामपुर किना-किना रे हरियर गेंदा बाहा बगीचा...

Posted on: Jul 12, 2018. Tags: KRISHNA KHALKHO SONG

भारत के नौजवान, भारत के नौजवान...संघर्ष गीत

ग्राम-कुरुमगढ़, ब्लॉक-कुरुमगढ़, जिला-गुमला (झारखण्ड) से कृष्णा राम एक संघर्ष गीत सुना रहे है:
भारत के नौजवान, भारत के नौजवान
चलो सीना तान रे चलो सीना तान रे-
चाहे आवे आंधी या तूफान रे-
भारत के नौजवान, भारत के नौजवान...

Posted on: Jul 11, 2018. Tags: KRISHNA RAM SONG

आदिवासी संस्कृति में महुआ का सेवन महुआ पूजन के बाद ही किया जाता है...

ब्लॉक-ओड़गी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मोहन यादव के साथ जुड़े है ग्राम पाल धनौली के साथी कृष्णा निधान सिंह आर्मों जो महुआ त्यौहार के बारे में बता रहे है कि महुआ त्यौहार के मनाने से पहले महुआ का सेवन नहीं किया जाता है | जब तक वे अपने देवी देवताओं को न चढ़ा दे महुआ त्यौहार के समय जहां माता कुदरगढ़ी देवी और बुढ़ादेव के पूजन किये जाते है | अन्य देव भी हैं जैसे दूल्हा देव दुलहि देवी। पूजन के समय नारियल, मुर्गा और बकरे को 3-5 साल में एक बार चढ़ाया जाता है.प्रतिवर्ष मुर्गा और नारियल चढ़ाया जाता है त्यौहार को घर-घर मनाया में जाता है | आदिवासी संस्कृति में महुआ का सेवन महुआ पूजन के बाद ही किया जाता है|

Posted on: Jul 10, 2018. Tags: KRISHNA NIDHAAN SINGH ARMO

हुआ सबेरा चिड़िया बोले, बच्चो ने तब आँखे खोले...बाल कविता-

जिला-चंदौली (उत्तरप्रदेश) से कृष्णा कुमारी बाल कविता सुना रही हैं :
हुआ सबेरा चिड़िया बोले, बच्चो ने तब आँखे खोले-
अच्छे बच्चे मंजन कर, मंजन कर-कर मुंह को धोते-
मुंह को धोकर कुल्ला करते, कुल्ला कर-कर रोज नहाते-
रोज नहाकर खाना खाते, खाना खाकर पढ़ने जाते-
हमारी चिड़िया रानी तिनका लाकर महल बनाये-
ऊँची डाली पर लटकाये, खेतो से फिर दाना लाये-
नदियों से भर पानी लाती, तुझको दूर न जाने देते...

Posted on: Jun 08, 2018. Tags: KRISHNA KUMARI

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