हम होंगे कामयाब एक दिन...देशभक्ति गीत-

ग्राम-मलनार, पंचायत-नहकानार, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से किसन और अजय एक देशभक्ति गीत सुना रहे हैं:
हम होंगे कामयाब-
हम होंगे कामयाब एक दिन-
ओ हो मन में है विश्वाश-
पूरा है विश्वाश-
हम होंगे कामयाब एक दिन
होगी शांति चारों ओर-
होगी शांति चारों ओर एक दिन...

Posted on: Feb 22, 2020. Tags: CG KISAN KONDAGAON SONG

किसान स्वर : मटका खाद या जैविक खाद बनाने की विधि-

जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से जगदीश यादव मटका खाद या जैविक खाद बनाने की विधि बता रहे हैं| पहले गाय का ताजा गोबर 1 किलो, देशी गुड 1 किलो, बेसन 1 किलो, और पीपल के नीचे की मिट्टी 1 किलो लें| सभी को मिला लें| उसके बाद एक घड़े में पानी डालकर सभी को डालकर डंडे से मिला दें| उसके बाद मटके के मुह को कपड़े से बांधकर ढक दें| उसके बाद 8 दिन तक रहने दें| उसके बाद उसे खेत में उपयोग करें| ये काम 15 दिन के अंतराल में किया जा सकता है| संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@7697448583.

Posted on: Aug 24, 2019. Tags: JAGDISH YADAV KISAN SWARA MP REWA

किसान स्वर : गन्ने की खेती करने के तरीके...

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास पोया गन्ने की फसल लगाने का तरीका बता रहे हैं| गन्ना लगाने से पहले उसके पत्ते को पहले साफ कर लें| उसके बाद तीन गाठी के समूह में उसे काट लें| गन्ना लगाने के लिये नालियां बना कर उसमे खाद डालना होता है और गन्ने को लेटा हुआ लगाएं | उससे पहले नाली में कीचड़ कर ले जिससे गन्ना अच्छे से लग जाये| फसल को 8 दिन में एक बार पानी देते रहना है| गन्ने की खेती के समय ये उपाय करने से फसल अच्छा हो सकता है| जनवरी से मार्च के बीच ये फसल लगाना चाहिये : कैलास पोया@9753553881.

Posted on: Mar 09, 2019. Tags: CG KAILSH SINGH POYA KISAN SURAJPUR SWARA

किसान स्वर : हम लोग अब गाय बैल घर में नहीं रखते तो खेती के लिए गोबर खाद भी नहीं मिलता...

ग्राम पंचायत-हान्केर, तहसील-पखांजुर, विकासखंड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर, (छत्तीसगढ़) से सुरेश बता रहे हैं कि उनके गाँव क्षेत्र में अधिकतर धान और मक्का का खेती किया जाता है, उसकी तैयारी वे जमीन की अच्छी तरह से जुताई करने के बाद, बीज की बोवाई करते हैं जिसमे वे मुख्य रूप से रासायनिक खाद का उपयोग करते हैं, पहले लोग गाय, बैल घर में रखा करते थे जिससे उन्हें गोबर (खाद) मिल जाता था, लेकिन अभी वर्तमान में गाय को घर में ज्यादातर नही रखा जा रहा है इसलिए वे रासायनिक खादों का उपयोग करते हैं, जिससे जमीन की उर्वरक शक्ति कम होती जा रही है, पहले लोग गोबर खाद का उपयोग करते थे उसमे तीन साल तक कोई खाद डालने की जरुरत नही होती थी, इसलिए अधिक मात्रा में गोबर खाद का उपयोग करना चाहिए जिससे फसल में अधिक उत्पादन के साथ-साथ जमीन की उर्वरक शक्ति भी नष्ट न हो...

Posted on: Sep 18, 2018. Tags: AMAR MARAVI CG KANKER KISAN KOELIBEDA SWARA

किसान स्वर : अधिक फसल के लिए रासायनिक खाद का उपयोग करते है, पर स्वास्थ्य के लिए बुरा...

ग्राम-मरोड़ा, तहसील-पखांजुर, ब्लाक-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर, (छत्तीसगढ़) से विष्णु राम बता रहे है कि उनके क्षेत्र में सबसे ज्यादा खेती धान और मक्का का किया जाता है जिसमे रासायनिक खाद का उपयोग किया जाता है जो पैदावार बढ़ाती है लेकिन उससे नुक्सान होता है, जैविक खाद से उगाया हुआ अनाज स्वादिष्ट और ताकतवर होता है | पूर्वज लोग बिना रासायनिक खाद के ही फसल उगाते थे और लम्बे समय तक जीवित रहते थे, लेकिन आज रासायनिक खाद का उपयोग करके उगाया हुआ फसल में स्वाद नही होता है और उसमे पौष्टिक आहार भी नही होता है, इसलिए सबसे ज्यादा गोबर खाद का उपयोग करना चाहिए पर अधिक फसल के लिए हम लोग रासायनिक खाद का उपयोग कर रहे हैं

Posted on: Sep 09, 2018. Tags: AGRICULTURE AMAR MARAVI CG KANKER KISAN SWARA KOELIBEDA

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