अब नही चलत हेछोटे ले टुटे गे मोर जंगार...गीत

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ ( छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडियारी एक गीत सुना रहा है:
ना रे सुआ न न रे मैना-
कैसन करि बचाबो परान-
जम्मो कोती चकै-चके खेती खारी होगे-
अब नही चलत हेछोटे ले टुटे गे मोर जंगार-
मंगाई मरत हावे करत है खांव-खांव...

Posted on: May 21, 2019. Tags: CG KANHAIYA LAL RAIGARH

सूरजपुर जिले में सिलौटा से सेमरा जाने वाला रास्ते में बाबा जलेश्वर नाथ शिव का मंदिर पड़ता है...

ग्राम पंचायत-सिलौटा, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल केवट बता रहे हैं पंचायत सिलौटा से सेमरा जाने वाला रास्ते के दौरान पड़ने वाला मंदिर बाबा जलेश्वर नाथ शिव पड़ता है जो मंदिर का वर्णन करते हुए बता रहे हैं की अन्दर राधा कृष्ण का मंदिर है जहाँ एक कोने में नाग देव, गणेश, पंच मुखी हनुमान जी,विष्णु जी, विराजमान है मंदिर के अन्दर परिक्रमा पास में एक विशाल मदिर का निर्माण हो रहे है जहाँ शिव लिंग के साथ लक्ष्मी जी साथ में है यहाँ जल धारा का प्रवाह होत़ा है जिसे वहां के भक्त जनो के द्वारा सुरक्षित कर दिया गया है यहाँ दर्शनार्थियों के लिए धर्मशाला भी है जो सर्व साधन उपलब्ध है यहाँ यात्री रूककर धरम लाभ लेते हैं: कन्हैया लाल@8225027272.

Posted on: Sep 03, 2018. Tags: CG KANHAIYA LAL RELIGION SURAJPUR TOURISM

कोने ददा लाने मोर रिंगी-चिंगी लुगरा रे सुवना...सुवा गीत

ग्राम-तमनार,जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पड़ीहारी छत्तीसगढ़ी भाषा में एक सुवा गीत सुना रहे हैं:
कोने ददा लाने मोर रिंगी-चिंगी लुगरा रे सुवना-
कोने भौजी तिन्दे लुगरा न रे सुवना-
कोने भौजी तिन्दे लुगरा-
कोने ददा लाने मोर बारी के करेला ला रे सुवना-
कोने भौजी रांधे केला के साग-
बड़े ददा लाने मोर बारी के करेला ला रे सुवना-
छोटे भौजी रांधे करेला के साग न रे सुवना-
बड़े भौजी रांधे केला के साग-
कोने ददा लाने मोर रिंगी-चिंगी लुगरा रे सुवना...

Posted on: Mar 05, 2018. Tags: KANHAIYA LAL PADIHARI

कोने बेरा में जिउ छुट जाए रे, नई बांचे चोला...छत्तीसगढ़ी लोकगीत

ग्राम पंचायत-गुढ़ा, विकासखंड-गौरेला,जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से एक महिला साथी छत्तीसगढ़ी लोकगीत सुना रही हैं:
इन्हा नई हए रे कोनो रे हितवा-
घर बने हे माटी के मितवा-
कोने बेरा में जिउ छुट जाए रे नई बांचे चोला-
जियत ले रंग रंग के ओढना ओढाए रे-
पलना पोढ़ाये रे लाल परदेशी घुमाए-
बढ़गे जवानी रे बालक के बानी रे-
रग रग ले मुड़ी डोलाए-
इन्हा नई हए रे कोनो रे हितवा-
घर बने हे माटी के मितवा-
कोने बेरा में जिउ छुट जाए रे नई बांचे चोला...

Posted on: Sep 26, 2017. Tags: KANHAIYA LAL KEWAT

बागी बनले हिन्द के जवनवा बांधी के कफनवा...

बागी बनले हिन्द के जवनवा बांधी के कफनवा ये बिरना
भगत, सुभाष, चन्द्रशेखर हिन्द के ललनवा
खुदी राम बोस कईले खूब तुफनवा
खूनवा से सिंचले जवनवा बांधी के कफनावा ये बिरना
तब जाके मिली हमको ये आजादी, प्राणों से प्रीतम हमके इ बा आजादी
कवीर नानक मिली के दिहले अ देशवा बाधी के कफनावा ये बिरना
गंगा जी के धारा सिन्धु मारे ला हिलोर हो तबे जेक भईले सबेर हो
गाँधी जी के इहे बा ऐलानावा बांधी के कफनावा ये बिरना
केतना बलिदान भईले देश के कारनवा
झुकी नहीं झन्डा मोर चाहे जाई मोर परनवा
झंडा लहरे जाइ के गगनवा बाधी के कफनावा ये बिरना
एकता अखंडता के दीप जलावा सही कहा गलत हो हमें बतलावा
बेटा गावेला कन्हैया ललनवा यही बा ऐलानवा ये बिरना

Posted on: Aug 31, 2013. Tags: Kanhaiya Lal