धरती दाई ला सेवा करों, रूखी राई के सेवा...गोंडी धर्म गीत

ग्राम-मल्कछरा, थाना-कुकदुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम, छत्तीसगढ़ से कलेन्दरी चेचाम गोंडी धर्म और संस्कृति पर एक गीत प्रस्तुत कर रही हैं:
ये मोरे धरम के रीत, ये मोरे धरम के रीत-
धरती दाई ला सेवा करों, रूखी राई के सेवा-
आगि-पानी के सेवा, चाँद-सूरज के सेवा-
ये मोरे धरम के रीत-
सूत उठके बड़ी बिहनिया तोरे सेवा पे जाथन-
नान्ह-नान्ह तोरे लइका ओ दाई-
सरन में माथ नवाथन-
डंडा-सुआ-कर्मा-ददरिया, ये मोरे धरम के गीत-
ये मोरे धरम के रीत-
सावन में हरियाली मानाथान, भादों में मनावें खाई-
कार्तिक मा ईश्वर-गौरा मनाथान-
पूस में छिर-छिर भाई-
माघ-फागुन गवन पठौनी-
ये ख़ुशी के रीत,ये मोरे धरम के रीत-
ये मोरे धरम के रीत.

Posted on: May 05, 2015. Tags: Kalendari Checham

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