करीब 25 की जनसंख्या में पानी की असुविधा अधिकारी ध्यान नही दे रहे है, कृपया मदद करे-

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) का रहने वाला मूल निवासी है कैलाश सिंह पोया बता रहा है वार्ड क्रं. 01 में करीब 5 मकानों की संख्या लगभग 25 में है. जहाँ नलकूप (पानी) की समस्या और नलकूप लगवाने के लिए ग्राम सभा एंव ग्राम सुराज अभियान तक भी दिया गया आवेदन पत्र परन्तु अभी तक नलकूप का खनन नही किये है इस वक्त पानी की समस्या नलकूप की समस्या को लेकर कई बोला गया सरपंच एंव सविच को लेकिन आज तक बार बार उनको यह आश्वासन याद दिलाने के बाद भी वह नहीं हुआ है| आप सभी से अनुरोध है कि कृपया इन अधिकारियों से बात कर उन पर दबाव डालें जैसा आपने पहले भी किया था P.H.E विभाग@8120171919. CEO@9165789001.

Posted on: Oct 23, 2019. Tags: KAILASH SINGH POYA PROBLEM SURAJPUE CG

9 अगस्त आदिवासी दिवस पर लोग शामिल और समझे-

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया बता रहे हैं| 9 अगस्त 2019 को आदिवासी दिवस मनाया जाने वाला है| ये हर वर्ष मनाया जाता है| जिसमे सभी आदिवासी समुदाय के लोग शामिल होकर मनाते हैं | वे निवेदन कर रहे हैं, कि अधिक से अधिक लोग शामिल हो| त्यौहार को मनाये और समझें| कैलास पोया@970041518.

Posted on: Aug 07, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA SURAJPUR

सबसे सुंदर सबसे अच्छी ऐसी ही है मेरी माँ...कविता-

ग्राम देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक गीत सुना रहे हैं :
सबसे सुंदर सबसे अच्छी ऐसी ही है मेरी माँ-
जब मै हँसता वह भी हँस जाती-
जब मै रोता दिल बहलाती-
जब मैं लड़ता मुझको समझाती-
जब मैं भटकता राह दिखलाती-
स्कूल के लिए मुझे उठाती-
आडर की मेरी फाइल बनवाती...

Posted on: Aug 03, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA POEM SURAJPUR

मानुष तन ला पाईस, लेकिन सब जंगल झाड़ ला उजाड़ दिहिस...कविता-

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास पाया एक कविता सुना रहे हैं :
मानुष तन ला पाईस-
लेकिन सब जंगल झाड़ ला उजाड़ दिहिस-
बरखा पानी झुराय-
आज नगर फार लागत नईया-
साथी जंगल झाड़ ला बचाये-
बरखा पानी ला पाये-
अउ जंगल झाड़ ला काटे...

Posted on: Jul 23, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA POEM SURAJPUR

गर्मी घामे सोते जाये, घर दूरा पलट फेर नहीं पाये...कविता-

ग्राम-देवरी, तहसील, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं :
गर्मी घामे सोते जाये, घर दूरा पलट फेर नहीं पाये-
ज्येठ, बैसाख, गर्मी सोते जाये-
घर मंदिर अपने पलट नहीं पाये-
आवे सावन पानी बरसे, अषाढ़ में घुटुर घटर बादल कड़काय...

Posted on: Jun 16, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA POEM SURAJPUR

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