कोरोना का है कहना, शराबी होना पर मजदूर न होना...कोरोना पर कविता-

कानपुर उत्तर प्रदेश से के. एम. भाई आज कोरोना महामारी के बारे में बताते हुये एक कविता सुना रहे हैं :
कोरोना का है कहना-
शराबी होना पर मजदूर न होना-
अमेरिका जाना पर भारत में न रहना-
खूब रोना पर कुछ न कहना-
भूखे रहना और बार बार हांथ धोना-
कोरोना का है कहना-
शराबी होना पर मजदूर न होना...

Posted on: May 12, 2020. Tags: CORONA POEM KM BHAI UP

आओ हम सब, होली के रंग मे डूब जाएं...कविता-

कानपूर (उत्तर प्रदेश) से के एम भाई होली के अवसर पर सभी को होली की शुभकामनायें देते हुये एक कविता सुना रहे हैं:
आओ हम सब, होली के रंग मे डूब जाएं-
मस्त मगन होकर जश्न मनाए-
तन भीग जाए मन भीग जाए-
कुछ ऐसे सरोबोर हो जाएं कि-
खुशी से सारा जग भीग जाएं-
हर तरफ उल्लास ही उल्लास हो-
हर तरफ उमंग ही उमंग हो-
रंगों के खेल में सब मगन हो-
नया जोश और एक नई लहर हो-
अबीर-गुलाल से भीगा हर शहर हो-
आओ हम सब-
होली के रंग मे डूब जाएं-
मस्त मगन होकर जश्न मनाए-
जश्न मनाए जश्न मनाए...

Posted on: Mar 11, 2020. Tags: HOLI KANPUR KM BHAI POEM UP

नागरिकता की आंच में सुलगता भारत...कविता-

कानपुर (उत्तर प्रदेश) से के एम भाई आज नागरिकता कानून को लेकर जो विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, हर तरफ लोग नाराज और गुस्से में हैं, इसी विषय पर एक कविता प्रस्तुत कर रहे हैं:
नागरिकता की आंच में सुलगता भारत-
सुवांग और मुबांघ के भक्षक-
आज गुमध पर जीवित हैं-
सहिष्णुता और अखंडता की दुहाई दे रहे हैं...

Posted on: Mar 03, 2020. Tags: KANPUR KM BHAI POEM UP

गाँव में स्कूल नही होने के कारण, छोटे-छोटे बच्चे परेशानिया झेल रहे है... कृपया मदद करे-

के एम् भाई ग्राम मक्कापुरवा, पंचायत-गारब, ब्लाक-मैथा, जिला-कानपूर (उतरप्रदेश) से सीमा बता रही है स्कूल की समस्या जो गाँव के बच्चें पढाई करने के लिए बहुत ही दूर जाना पढता है आजादी के 75 साल बाद भी इस गाँव में अभी तक स्कूल बनाने का स्वीकृति नही किये जिसे लोगो को परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है |बताया जा रहा है कई ऐसे समस्याएं है यह पर जो सरकार अनदेखा कर रहे है| इसलिए सीजीनेट स्वर सुनने वाले साथियों को मदद की अपील कर रहे है. DM@9454417553. CDO@9454465006. SDM@9454416411.

Posted on: Sep 21, 2019. Tags: KANPUR KM BHAI UP

खुशिया मनाइये कि आप आजाद हैं...कविता-

कानपूर (उत्तर प्रदेश) से के एम भाई स्वतंत्रता दिवस की शुभकानायें देते हुये, एक कविता सुना रहे हैं :
खुशिया मनाइये कि आप आजाद हैं-
आपका लोकतंत्र आजाद है-
राम भी आजाद है और मुल्ला भी आजाद है-
पंडित और चमार भी आजाद है-
सफ़ेद लिबाज में लूट भी आजाद है-
इंटरनेट के साथ भूख भी आजाद है...

Posted on: Aug 15, 2019. Tags: KANPUR KM BHAI POEM UP

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