सीजीनेट में आओ भईया जी...गीत-

ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से कन्हैयालाल केवट एक गीत सुना रहे हैं:
सीजीनेट में आओ भईया जी-
नई लागे रूपया पैसा सीजीनेट में आओ-
गाँव के समस्या ला मोबाईल मा रिकॉर्ड करो-
चाहे कोनो राज होवे, चाहे कोनो भाषा-
सबके समाधान होही, झन होवो गिलासा-
चाहे कोनो राज होवय चाहे कोनो भाषा-
चाहे गीत गाओ भईया जी, नई लागे रूपया पैसा-
सीजीनेट में आओ...

Posted on: Jul 17, 2019. Tags: ANUPPUR KANHAIYALAL KEWAT MP SONG

पानी काबर नई तो बरसे न...लोक गीत-

ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से कन्हैयालाल केवट एक छत्तीसगढ़ी मौसमी लोक गीत सुना रहे हैं:
सबके मन होवथे उदास रे, पानी काबर नई तो बरसे न-
रात दिना गर्मी के कारण टप-टप चुवे पसीना-
लाइन लगाथन पानी खाथन मुश्किल होगे जीना-
नगरिहा बैला मरथे पियास रे, पानी काबर नई तो बरसे न...

Posted on: Jul 16, 2019. Tags: ANUPPUR KANHAIYALAL KEWAT MP SONG

सीजीनेट में आओ भईया जी...गीत-

ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से कन्हैयालाल केवट एक गीत सुना रहे हैं:
सीजीनेट में आओ भईया जी-
नई लागे रूपया पैसा सीजीनेट में आओ-
गाँव के समस्या ला मोबाईल मा रिकॉर्ड करो-
चाहे कोनो राज होवे, चाहे कोनो भाषा-
सबके समाधान होही, झन होवो गिलासा-
चाहे कोनो राज होवय चाहे कोनो भाषा-
चाहे गीत गाओ भईया जी, नई लागे रूपया पैसा-
सीजीनेट में आओ...

Posted on: Jul 16, 2019. Tags: ANUPPUR KANHAIYALAL KEWAT MP SONG

ऑफिस में नौकर, घर में सयाना डोकर का बहुत बड़ा महत्व है...कविता-

ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से कन्हैयालाल केवट एक कविता सुना रहे हैं :
ऑफिस में नौकर, घर में सयाना डोकर का बहुत बड़ा महत्व है-
मित्र के दुःख में रोकर, सब्जी काटो धोकर का बहुत बड़ा महत्व है-
निद्रा में सोकर, पत्थर में ठोकर का बहुत बड़ा महत्व है-
खेती में बीज बोकर, किसानी में पाटा कोपर का बहुत बड़ा महत्व है...

Posted on: Jul 15, 2019. Tags: ANUPPUR KANHAIYALAL KEWAT MP POEM

हे जल जब तू आता धरती, हरे भरे हो जाता धरती...कविता-

ग्राम-छुलकारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से कन्हैयालाल केवट एक कविता सुना रहे हैं :
हे जल जब तू आता धरती, हरे भरे हो जाता धरती-
हे जल जब तू आता धरती, नदी नालो से बाढ़ निकलती-
हे जल जब तू आता धरती, गाय भैस हरा चारा चरती-
हे जल जब तू आता धरती, बोये बीज अंकुरण करती-
हे जल जब तू आता धरती, तुझे देखकर गर्मी डरती-
हे जल जब तू आता धरती, मेढ़क भी टर्र-टर्र करती...

Posted on: Jul 04, 2019. Tags: ANUPPUR KANHAIYALAL KEWAT MP POEM

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