उजे कथी के उजे कोटली रे कोटली...छठ गीत

मालीघाट, मुज्जफरपुर, बिहार से कान्ता देवी छठ गीत सुना रहे है गीत के बोल इस प्रकार है :
उजे कथी के उजे कोटली रे कोटली-
कथी लागल हा इनके माँ रुजे कथी के-
कथली उजे कथी के उजे कोटली रे कोटली-
कथी लागले हा इनके माँ रुजे सोने के...

Posted on: Nov 06, 2016. Tags: KANTA DEVI

पर्वत पहाड़ पर हे माई के मंदिरवा...देवी गीत

भारत माता चौक मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से कांता देवी एक देवी गीत सुना रही हैं:
पर्वत पहाड़ पर हे माई के मंदिरवा-
मंदिरवा हे मईया बड़ा नीक लागे-
मईया के मांगो हे टिकवा शोभे-
बचवा हे मईया बड़ा नीक लागे-
मईया के कानो हे झुमका शोभे-
बचवा हे मईया बड़ा नीक लागे-
मईया के गले हे सिकरी शोभे...

Posted on: Oct 11, 2016. Tags: KANTA DEVI

ख़ुशी दिल-दिल में, ससुर घर जाना हैं...विवाह गीत

ग्राम-मालीघाट,जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से कांता देवी जी शादी में गाया जाने वाला गीत सुना रही हैं :
बन्ना करे कमरे में, हसे मन-मन में-
ख़ुशी दिल-दिल में, ससुर घर जाना हैं – बन्ना की माँ की मोडिया सोवे-
ये लडिया ये बोल नहीं सकता – ससुर घर जाना हैं...

Posted on: Jan 19, 2016. Tags: KANTA DEVI

सांगो बाई नाचंग ने एन्दा न ओ...गोंडी विवाह गीत

चन्द्रकांता भावेकर एकता परिषद की कार्यकर्ता हैं बालाघाट मध्यप्रदेश से एक गोंडी गीत गा रही है जो शादी ब्याह और ख़ुशी के मौक़े पर गाया जाता है
सांगो बाई नाचंग ने एन्दा न ओ
इंदला ते गोला सा ना ना ना
जीजा नकुन एंदी ले वायो न गा
इंदाला ते गोला सा ना ना ना
इदु जमाना त रीत बड़ो भारी
बदनाम एतंग जीजा औ साली
ढ़ोलक त लेंग इमा केंजा न ओ
इंदाला ते गोला सा ना ना ना
सांगो बाई नाचंग ने एन्दा न ओ
इंदला ते गोला सा ना ना ना

Posted on: Jan 08, 2014. Tags: Chandrakanta Balaghat Gondi

पानी है जिंदगी के आधार मोर भईया...एक गीत

हईया रे हईया...हईया रे...हाँ हाँ
हईया रे हईया...हईया रे
पानी है जिंदगी के आधार मोर भईया,
पानी है जिंदगी के आधार...२
पानी बिन गाँव शहर, पानी बिन चार डहर !
पानी बिन सुना संसार मोर भईया !!
पानी है जिंदगी आधार मोर भईया,
पानी है जिंदगी के आधार...२
पानी में बिजली मोटर, चले कारखाना !
पानी बिन जिंदगी के नइये गा ठिकाना !
पानी में जीव जंतु, पानी बिन सुना संसार मोर भईया !!
पानी है जिंदगी आधार मोर भईया,
पानी है जिंदगी के आधार...२
पानी में खेत खार, पानी में उपजे अन्न के दाना !
पानी बिन जिंदगी के नइये गा ठिकाना !
पानी में नदिया है , पानी में सागर है ...२
सागर में उठे बादर मूर भईया !!
पानी है जिंदगी आधार मोर भईया,
पानी है जिंदगी के आधार...२

हईया रे हईया...हईया रे...हाँ हाँ
हईया रे हईया...हईया रे

Posted on: Mar 12, 2013. Tags: Chandrakanta Balaghat

« View Newer Reports

View Older Reports »

Recording a report on CGNet Swara

Search Reports »

Loading

Supported By »


Environics Trust
Gates Foundation
Hivos
International Center for Journalists
IPS Media Foundation
MacArthur Foundation
Sitara
UN Democracy Fund


Android App »


Click to Download