वनांचल स्वर : वनों से प्राप्त चीजों के उपयोग के सांथ साथ हम ग्रामीण वन का संरक्षण भी करते हैं...

ग्राम-जामकुटनी, पंचायत-बेलगाल, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सोदू दुग्गा सीजीनेट के अमर मरावी को बता रहे हैं कि हमारा गाँव वनों से घिरा है, वनों से जड़ी बूटी, दवाइयां, तेंदू पत्ता, चार, खाने के लिए 50 से भी ज़्यादा प्रकार की सब्जी आदि चीजें प्राप्त करते हैं, साथ ही घर बनाने के लिए बांस, लकड़ी भी प्राप्त करते हैं, कई बार गांव के लोग बाजार नही जा पाते तब वे वनों से प्राप्त चीजों का ही खाने में सब्जी के लिए उपयोग करते हैं, गाँव में लोग वन का उपयोग ही नही करते बल्कि उसका संरक्षण भी करते है, इसके लिए वनों को उपयोग करने के लिए स्थानीय संगठन द्वारा लोगों के लिए एक दायरा तय रहता है और उसी क्षेत्र में लोगो को काम करना होता है |

Posted on: Sep 06, 2018. Tags: AMAR MARAVI CHHATTISGARH KANKER SODYU DUGGA VANANCHAL SWARA

पैसा पास होता तो चार चने लाते, चार में से एक चना तोते को खिलाते...बाल कविता

ग्राम-पेनकोड़ो, तहसील-कोइलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से रितिका गावड़े, रेशमा एक्का और मनीषा कडेयाम एक कविता सुना रहे हैं :
पैसा पास होता तो चार चने लाते-
चार में से एक चना तोते को खिलाते-
तोते को खिलाते तो टाँव-टाँव गाता-
टाँव-टाँव गाता तो बड़ा मजा आता-
चार में से एक चना घोड़े को खिलाते-
घोड़े को खिलाते तो पीठ पर बिठाता...

Posted on: Aug 28, 2018. Tags: CHHATTISGARH KANKER POEM RITIKA GAWDE SAPANA WATTI

वनांचल स्वर: खाद वाला धान खाकर लोग बीमार पड़ रहे, पहले ऐसा नहीं था: 90 वर्ष की गीलोबाई...

ग्राम-माड़ पखानजुर, पंचायत-उलिया, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मोहन यादव के साथ गाँव की 90 साल की बुज़ुर्ग महिला गीलो बाई हैं वे पने जीवन के बारें गोंडी भाषा में उनको बता रही हैं कि पहले ज़माने में शुद्ध खाना मिलता था, जंगल में बहुत सारी वनस्पतियां जैसे कन्दमूल, फल आदि भी मिलता था जो आज नहीं है | वे कह रही हैं कि पहले के समय में हम लोग कम बीमार पड़ते थे खुद मेहनत करके खाते थे और कोदो कुटकी की बहुत ज्यादा कमाई होती थी और कई किसानों के घरों में अनाज हुआ करता था पर अब खाद वाला धान मिलता है जिससे लोग बीमार पड़ रहे है और परेशान हैं | उस भोजन में स्वाद भी होता था अभी के भोजन में स्वाद भी अच्छा नहीं है...

Posted on: Aug 27, 2018. Tags: CHHATTISGARH GEELO BAI GONDI KANKER VANANCHAL SWARA

खून अपना बहाते हैं देखो, क्या प्यार है उनको वतन से...देशभक्ति गीत

ग्राम पंचायत-मेडो, तहसील-दुर्गकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से अंबिका दीवान, दिव्या जैन और श्वेता गावड़े एक देशभक्ति गीत सुना रहे हैं :
सजनी है दूर सजन से, भंवरे हैं दूर चमन से-
खून अपना बहाते हैं देखो, क्या प्यार है उनको वतन से-
जवानो का कूचकर दामन है, कयामत का आलम है-
भारत की सरहद पर है, गम ना के गजब का मंजर-
सब अपने वतन के खातिर, बांधे हैं कफन को सर पर-
भारत की कसम है हमको, हिम्मत न कभी हारेंगे...

Posted on: Aug 27, 2018. Tags: AMBIKA DIWAN CHHATTISGARH KANKER RANO WADDE SONG

एक साल पहले शौचालय का निर्माण किया, उसके लागत और काम का पैसा अभी तक नहीं मिला...

ग्राम-उलिहा, प्रखण्ड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से बुधुराम वड्डे और दोबेराम नरोटी बता रहे है कि एक साल पहले उन्होंने शौचालय का निर्माण कराया लेकिन आज तक लागत का पैसा नही मिला और न काम करने का पैसा दिया है, इसके लिए उन्होंने कई बार सरपंच सचिव के पास शिकायत किये और आवेदन भी किया लेकिन उस पर कोई सुनवाई नही हुई, इसलिए साथी सीजीनेट के सांथियो से अपील कर रहे हैं कि दिए गए नंबरो पर बात कर लागत का पैसा दिलाने में मदद करे. गाँव में शौचालय तो बन गए हैं पर ऐसे ही कई लोगों को लागत और काम करने का पैसा अब तक नहीं मिला है : दलसू उसेंडी सचिव@9406157325. C.E.O.@07880231393.

Posted on: Aug 26, 2018. Tags: BUDDHRAM WADDE CHHATTISGARH KANKER TOILET PAYMENT

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