उत्तर दक्षिण पूरब पक्षिम, प्रमुख दिशाएं हैं चार, पर दसो दिशाओं में मचा हुआ है हाहाकार...कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
उत्तर दक्षिण पूरब पक्षिम, प्रमुख दिशाएं हैं चार-
पर दसो दिशाओं में मचा हुआ है हाहाकार-
सुकून ढूंढने को निकला, सुकून तो दुनिया से है काफूर-
थका मांदा आशियाना आया तो देखा कलह का बजता नुपूर-
कानो को दबाकर वहां से निकला तो बाहर मारपीट अफरा तफरी-
उत्तर में गया नक्सलियों का दबदबा-
दक्षिण में गया तो आतंकवादियों का बोल बाला...

Posted on: Aug 28, 2018. Tags: CHHATTISGARH KANHIYALAL PADIYAI POEM RAIGARH

Recording a report on CGNet Swara

Search Reports »

Loading

Supported By »


Environics Trust
Gates Foundation
Hivos
International Center for Journalists
IPS Media Foundation
MacArthur Foundation
Sitara
UN Democracy Fund


Android App »


Click to Download